शिव पुराण कथा के दौरान सजाई शिव दरबार की भव्य झांकी। ग्रामीण
पसगवां। जंगबहादुरगंज में श्री आदि गुरु वैदिक सेवा संस्थान के बैनर तले हो रही श्री शिवमहापुराण में कथा व्यास प्रशांत प्रभु महाराज ने कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म भी उसकी रक्षा करता है। जब पृथ्वी से गाय लुप्त हो जाएगी, तब युद्ध शुरू हो जाएगा और इसके बाद प्रलय आ जाएगी।
गाय के अस्तित्व पर संकट के कारण ही विदेशी भारत की संस्कृति से जुड़ रहे हैं, जबकि हम अपने सनातन धर्म से दूर हो रहे हैं, जिन्होंने शास्त्र पढ़ा वह सनातन स्वीकार कर रहे हैं। यहां पहली रोटी गाय और आखिरी कुत्ते की निकाली जाती। हमारा धर्म कहता कि खुद को जानो, अपने आप को पहचानो।
धर्म ग्रन्थों को पढ़ो, उनके अनुसार जीवन जीना शुरू करो। मित्र व स्त्री, संकट के समय ही पहचान में आते हैं। राष्ट्रधर्म, वेद, गाय व ऋषि-मुनियों की रक्षा के लिए मरना भी पड़े तो स्वीकार होना चाहिए। उन्होंने कहा शिव करुणा के अवतार हैं। कपूर की तरह गोरे हैं। करुणा शिव के हृदय में है, इसलिए वे भोलेनाथ कहलाते हैं।
प्रशांत प्रभु ने 24 अक्टूबर को 1008 शिवलिंग के साथ सामूहिक रुद्राभिषेक की घोषणा करते हुए कहा कि अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए कार्यक्रम में हिस्सा लें।