गोला गोकर्णनाथ। दीपावली के दिन मोहल्ला मथुरानगर में घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में अधेड़ दंपती के शव पड़े मिले। दंपती का एक बेटा दुराचार के मामले में जेल में है, वहीं दूसरे बेटे की तीन माह पहले बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। पुलिस का दावा है कि मौके से मिले सुसाइड नोट में बेटे पर मुकदमे और कर्ज का जिक्रकर आत्महत्या की बात कही गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए, जबकि सुसाइड नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
मैलानी थाना क्षेत्र के चौरिया गांव के मूल निवासी 55 वर्षीय श्रीराम कनौजिया और उनकी 52 वर्षीय पत्नी सुनीता कनौजिया करीब आठ वर्षों से नगर के मोहल्ला मथुरानगर में अपना निजी मकान बनाकर रहते थे। सोमवार को दोनों के शव संदिग्ध परिस्थिति में घर के अंदर पड़े मिले। पड़ोसी रामसागर, सुभाष वर्मा, प्रभात शुक्ल, धीरज कुमार मिश्र, सृजन मिश्र आदि ने बताया कि श्रीराम कनौजिया चीनी मिल में ठेके पर काम करते थे। सोमवार की दोपहर तक जब घर से कोई नहीं निकला तो संदेह होने पर पड़ोसियों ने 112 डायल पुलिस को सूचना दी। पुलिस के आने पर दोनों के शव घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में पड़े मिले। श्रीराम का शव बरामदे में वहीं सुनीता कनौजिया का शव कुछ दूरी पर घर के अंदर पड़ा था।
पुलिस का दावा है कि शव के पास एक खाली गिलास पड़ा मिला है और दोनों ने उल्टियां भी की हैं। एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उनके बेटे पर दुराचार का मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती के परिजनों की ओर से प्रताड़ित करने, मुकदमे के चलते आर्थिक तंगी की बात लिखी गई है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मामले को आत्महत्या का बताया है। साथ ही सुसाइड नोट सहित अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए भेज दिया है।
अपनों का नसीब नहीं हुआ कंधा
लोगों ने बताया कि मृतक श्रीराम कनौजिया अपने पिता स्वर्गीय बीरबल की इकलौती संतान थे। वर्ष 2000 में अपने मूल गांव चौरिया की जमीन जायदाद बेच कर चले आए थे। वर्ष 2008 में मथुरा नगर में अपना मकान बनाकर रहने लगे। बड़ा बेटा जितेंद्र कुमार कोचिंग पढ़ाता था, जो कोचिंग में पढ़ने वाली एक छात्रा के प्रेम में फंसकर उसे लेकर कहीं चला गया था। लड़की और उसके परिजनों ने जितेंद्र और श्रीराम कनौजिया, सुनीता कनौजिया पर 376, 328, 506 के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने जितेंद्र को जेल भेज दिया था। इस मुकदमे से श्रीराम कनौजिया की काफी फजीहत हुई. वहीं वह आर्थिक तंगी से भी गुजरने लगे। उधर, छोटे बेटे समर की तीन माह पहले बीमारी के चलते मौत हो गई, जिससे दोनों गुमसुम रहने लगे थे।
दंपती का शव लेने वाला भी कोई नहीं
लोग बताते हैं कि श्रीराम कनौजिया का अपने पड़ोसियों और पैतृक गांव चौरिया में भी अपने खानदान से कोई मतलब नहीं था। बेटा जेल में है ऐसे में मृतकों के शव को सुपुर्द करने के लिए जब पुलिस उनके पैतृक गांव चैरिया पहुंची तो वहां उनके खानदान के लोग भी शव लेने के लिए तैयार नहीं हुए।
प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें पुत्र पर दुराचार का मुकदमा दर्ज कराए जाने वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - प्रीतम पाल सिंह, कार्यवाहक सीओ