बरोसी परिक्रमा निकालते श्रद्धालु। संवाद
बरवर। शारदीय नवरात्र के समापन पर जीर्णोद्धार प्रबंध समिति ने नगर के मां दुर्गा मंदिर में हवन-पूजन कर ऐतिहासिक बरोसी पूजा संपन्न कराई। इसके बाद परिक्रमा का आयोजन किया गया।
इस प्रसिद्ध पूजा की शुरुआत नगर के स्व. पं. शांति स्वरूप ने लगभग 100 वर्ष पूर्व फैली महामारी लाल बुखार से बचाव के लिए कराई थी, तभी से यह परंपरा चली आ रही है। यह पूजा वर्ष में दो बार चैत्र नवरात्र के समापन और शारदीय नवरात्र के समापन पर कराई जाती है। इस अनोखी बरोसी पूजा में मुरादपुर गांव निवासी पंकज पंडा मिट्टी की बनी बरोसी में मां की जलती ज्वाला को लेकर पूरे नगर का चक्कर लगाते हैं।
पूजा के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से कई थानों की पुलिस लगाई गई। इस अनोखी पूजा को देखने के लिए पड़ोसी जिलों से लोग आकर अपने रिश्तेदारों के यहां रुककर हवन-पूजन एवं बरोसी पूजा में शामिल होते हैं। इस मौके समिति अध्यक्ष धर्मेश शर्मा, धीरेंद्र श्रीवास्तव, प्रबंधक रामचंद्र सक्सेना, बीरबल कुशवाहा, हंसमान दीक्षित समेत समिति के समस्त सदस्य मौजूद रहे।