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बच्चों को कमजोर बना रहे पेट के कीड़े

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लखीमपुर खीरी। बच्चों के पेट में कृमि यानि कीड़ा है तो उसे तमाम तरह की परेशानियां हो सकती हैं। कीड़ों की वजह से बच्चों का संपूर्ण विकास नहीं हो पाता है और वह कुपोषित हो जाते हैं। जिले में 19 लाख से ज्यादा बच्चे और किशोरों को आज इसकी दवा खिलाई जाएगी।
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हर साल 20 जुलाई को राष्ट्रीय कृमि दिवस मनाया जाता है। इस दिन एक से 19 साल तक के बच्चों और किशोरों को पेट के कीड़े मारने की दवा खिलाई जाती है। पेट के कीड़े मरने से बच्चों का बेहतर शारीरिक व मानसिक विकास हो सकेगा। क्योंकि पेट में कीड़े होने के कारण बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। पेट में कीड़े होने की मुख्य वजह साफ पानी न पीना और दूषित व अधपके भोजन का सेवन करना है। बच्चों एवं किशोरों को पेट के कीड़ों से निजात दिलाने के लिए ही बुुधवार को अभियान चलाकर एलबेंडाजॉल की गोली खिलाई जाएगी। ताकि बच्चों को सेहतमंद बनाया जा सके। कीड़े होने का मुख्य लक्षण पेट में निरंतर दर्द रहना है।
दवा से मरेंगे कृमि
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा बताते हैं कि बच्चों के पेट के कीड़े मारने के लिए बुधवार को एलबेंडाजॉल की गोली खिलाई जाएगी। इस एक गोली से बच्चों को परजीवी कृमि से बचाया जा सकता है। क्योंकि ये कृमि आंतों में रहकर मानसिक स्वास्थ्य एवं शारीरिक विकास के लिए लिए जाने वाले आवश्यक पोषण तत्वों को अपना आहार बनाते हैं। इसकी वजह से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं।
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लक्षण
भूख न लगना, वजन का कम होना, जी घबराना, उल्टियां होना, निरंतर पेट दर्द होना। कीड़ों की वजह से अक्सर बच्चे मिट्टी, चाक व खड़िया खाने लगते हैं।
बच्चों में हाथ धुलने की डाले आदत
बच्चों में थोड़े-थोड़े समय पर हाथ धुलने की आदत डालें, क्योंकि छोटे बच्चे मिट्टी या गंदगी में खेलते हैं। इससे उनके हाथों के जरिए गंदगी पेट तक पहुंच जाती है। इस कारण पेट में कीड़े पनपने लगते हैं। बच्चों के नाखून समय-समय पर काटते रहें।
19 लाख बच्चों को खिलाई जाएगी दवा
सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों सहित आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक से लेकर 19 साल तक के 19,45, 677 बच्चों एवं किशोरों को एलबेंडाजॉल की गोली खिलाई जाएगी। एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि जो बच्चे इस दिन दवा खाने से छूट जाएंगे, उन्हें 25 से 27 तक अभियान चलाकर घर घर जाकर दवा खिलाई जाएगी।
19 एलकेएच 5
‘पेट में कीड़े होने की वजह से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है। बच्चे कमजोर होने लगते हैं। इसलिए बुधवार को बच्चों को एलबेंडाजॉल की टैबलेट अवश्य खिलाएं। ताकि आंतों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों को खत्म किया जा सके।’
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- डॉ. कुलदीप आदिम, एसीएमओ
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