गोला गोकर्णनाथ। नगर में अस्पताल, रोडवेज और धर्मशाला समेत कई भवन जर्जर हैं। कई दिनों से हो रही रुक-रुककर बारिश से पुराने जर्जर भवनों के ढहने की आशंका बढ़ गई है। यह जर्जर भवन खतरे की घंटी बजा रहे हैं, मगर जिम्मेदार बेखबर हैं। न तो जर्जर भवनों सर्वे हुआ और न ही इन भवनों को लेकर नोटिस जारी किया गया।
मोहम्मदी मार्ग पर जिस भवन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है, उसका निर्माण ब्रिटिश शासन में वर्ष 1908 में कराया गया था। हालांकि पूर्व में इस भवन की छत की मरम्मत कराई गई थी। मगर भवन की हालत काफी जर्जर है। गोकर्ण तीर्थ के तट पर बना महादेवा धर्मशाला, सामुदायिक स्वास्थ्य, केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी में बने डॉक्टर और कर्मचारियों के आवास, रोडवेज डिपो का भवन और रोडवेज डिपो परिसर में ओवरहेड टैंक जर्जर हो चुका है। यह भवन किसी भी समय गिर सकता है।
यहां बता दें कि नगर के सीएचसी भवन का निर्माण वर्ष 1992 में हुआ था। 32 वर्षों में ही इमारत जर्जर हो गई। भवन की दशा, निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रही है। पोर्च और दीवारों, छतों का प्लास्टर उखड़ चुका है। जंग खाई सरिया दिख रही हैं। अधिकारियों-कमचारियों के आवास भी जर्जर हो गए हैं।
सात दशक पुराना रोडवेज भवन हुआ जर्जर
गोला रोडवेज डिपो का करीब 70 साल पुराना भवन काफी जर्जर हो गया है। पिछले वर्ष भरभरा कर बीम और छज्जा गिर गया था। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। इसी जर्जर भवन के नीचे जहां एक और कर्मचारी काम करते हैं, वहीं यात्रियों का भी उठना-बैठना रहता है। रोडवेज डिपो परिसर में बना ओवरहेड पानी के टैंक की हालत इतनी खराब है कि किसी भी समय ढह सकता है। बावजूद इसके इसी टैंक से पानी आपूर्ति होती है।
जर्जर हो चुका है महादेवा धर्मशाला का भवन
गोकर्ण तीर्थ के तट पर नगर पालिका परिषद द्वारा वर्ष 2001 में महादेवा धर्मशाला का निर्माण कराया गया था। दो दशक में ही यह धर्मशाला जर्जर हो गई। वर्ष 2011 में इस जर्जर धर्मशाला का एक हिस्सा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल को निशुल्क दे दिया गया। आलम यह है कि धर्मशाला के अंदर घुसने से ही डर लगता है। छत और दीवारें चटक चुकी हैं।
जर्जर इमारत का नगर पालिका परिषद द्वारा कोई सर्वे तो नहीं कराया गया, लेकिन प्रदेश मुख्यालय पर हुई विकास समिति की बैठक में इस विषय को उठाया जा चुका है। - विजय शुक्ला रिंकू, नगर पालिका अध्यक्ष गोला
अभी इस तरह का कोई सर्वे नहीं कराया गया है। पूर्व में कराया गया हो तो इसकी जानकारी नहीं है। शीघ्र ही इस विषय पर बैठकर विचार किया जाएगा। - विनोद कुमार गुप्ता, एसडीएम गोला