गोतेबाज पुरवा में रास्ते पर भरा बाढ़ का पानी।संवाद
निघासन/ सलीमाबाद। बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गोतेबाजपुरवा में एक महिला की बेटी की शादी की खुशियों को बाढ़ बहा ले गई। रिश्तेदारों से मदद मांगी, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए। अब परिजन शादी कैसे करेंगे, इस बात की चिंता सता रही है।
गोतेबाजपुरवा में अब भी बाढ़ का पानी रास्ते पर भरा हुआ है। कीचड़ और गंदगी पूरे गांव में फैली हुई है। यहां की तस्वीरन ने बताया कि उनके पति की मौत तीन साल पहले हो चुकी है। उनकी बेटी अनीशा बानो की 27 सितंबर को शादी है। दो बीघा धान की फसल बाढ़ के पानी में गल गई है। एक एकड़ गन्ना था, वह भी बाढ़ के कारण नहीं बचा है।
बेटी की शादी के लिए रिश्तेदारों से पैसा उधार मांगा, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए। अब उनको बेटी के विवाह की चिंता सता रही है। तस्वीरन के बताया कि ठेकेदार से गन्ना छिलाई के नाम पर एक लाख रुपये लिए हैं। उसी से किसी तरह शादी के कुछ जरूरी इंतजाम करने की कोशिश हो रही है। इसी गांव के मुखिया को फेफड़े में समस्या है। इलाज के अभाव में वह बिस्तर पर पड़े हैं।
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15 दिन बाद भी नहीं पहुंचे घर
इलाके में बाढ़ आए 15 दिन बीत जाने के बाद भी बरोठा और बस्ती पुरवा, शंकरी गौढ़ी आदि गांव के लोग घर नहीं पहुंचे हैं। गांवों में बाढ़ का पानी कम हुआ है, पर हालात अभी सामान्य नहीं हैं। कीचड़ और गंदगी से गांवों में रहने लायक नहीं है। इस कारण से इन गांवों के लोग सड़क किनारे तिरपाल डालकर रहने को विवश हैं।