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Lakhimpur Kheri News: 50 बीघे थी जमीन... कटान ने बना दिया भूमिहीन

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माथुरपुर में कराया जा रहा कटानरोधी कार्य   संवाद
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धौरहरा/रमियाबेहड़। बाढ़ और घाघरा नदी के कटान ने माथुरपुर सहित कई गांवों के लोगों को बर्बाद कर दिया है। घर तो कटान की भेंट चढ़ ही गए, फसलों समेत खेत भी नदी में समा गए। 50-50 बीघे के काश्तकार अब भूमिहीनों की श्रेणी में आ गए हैं। हर साल होने वाली इस बर्बादी से अब गांव के लोग आजिज आ चुके हैं। उधर, प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल के निरीक्षण के बाद कटानरोधी काम में कुछ तेजी आई है।
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लोगों को बाढ़ से बचाने के लिए बनाया गया माथुरपुर-सुजानपुर बांध नदी के बहाव में बहा तो पीड़ितों का धैर्य भी जवाब दे गया। कुछ दिन पहले भ्रमण पर आए प्रभारी मंत्री की गाड़ी घेरकर पीड़ित महिलाओं ने आक्रोश जताया था। साथ ही उनके घरों को बचाने की गुहार भी लगाई थी। बचाव कार्य में हीलाहवाली और जन प्रतिनिधियों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पक्का बांध बनाए जाने की मांग की है।

एक दशक पूर्व नदी में समा गए थे तीनों गांव
माथुरपुर, कुरतैहा और मोटेबाबा गांव के लोग फिर खतरे में हैं। यह तीनों गांव एक दशक पूर्व घाघरा नदी में समा गए थे। यहां के कटान पीड़ित लोग नदी से कोसों दूर सुरक्षित स्थानों पर जैसे-तैसे अपना आशियाना बनाकर गुजर बसर कर रहे थे, लेकिन वहां भी नदी ने कटान शुरू कर इन लोगों को एक बार फिर अपने निशाने पर ले लिया है। ग्रामीण श्रीराम, प्रेम प्रकाश, प्यारेलाल, रामलखन, सियाराम, रामसागरी, रामदीन, दिनेश आदि अपना मकान तोड़ चुके हैं।
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कटान के मुहाने पर घर, नदी में समाई जमीन
माथुरपुर गांव की मुक्ता देवी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उनका घर कटान की कगार पर है। खेतों में लगी फसल नदी में समा चुकी है। 50 बीघा जमीन की मालिक थीं, अब भूमिहीन हो चुकी हैं। उनकी सरकार से मांग है कि मकान कटने से बचाने को पक्का बांध बनवाया जाए।

बच्चों का पालन-पोषण करें कि घर बनाने को जगह खरीदें
रामरानी ने बताया कि एक घर बनाया था, वो भी कट गया। मेहनत मजदूरी करके तीसरी जगह माथुरपुर में घर बनाया था। अब घाघरा नदी कटान करती हुई तेजी से गांव की तरफ बढ़ रही है। परिवार में बच्चे हैं। उनका पालन पोषण करें या घर बनाने के लिए जगह खरीदें। माथुरपुर की ही कमला देवी का कहना है कि पहले बनाए गए बांध से कोई फायदा नहीं हुआ। खेत कट रहे हैं। नदी तेजी से गांव की तरफ बढ़ रही है। माथुरपुर परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। कलावती ने आरोप लगाया कि कोई राहत सामग्री वितरित नहीं हुई है। जब तक पक्का मजबूत बांध नहीं बनेगा, गांव सुरक्षित नहीं है।

माथुरपुर में कराया जा रहा कटानरोधी कार्य   संवाद

माथुरपुर में कराया जा रहा कटानरोधी कार्य   संवाद

माथुरपुर में कराया जा रहा कटानरोधी कार्य   संवाद

माथुरपुर में कराया जा रहा कटानरोधी कार्य   संवाद

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