लग्जरी गाड़ियों में भरकर बरेली ले जाए जाते हैं गोवंश
गो तस्कर चार पहिया लग्जरी वाहनों के जरिए पशुओं को भरकर बरेली लेकर जाते है। पुलिस ने कई बार गाड़ियों से इनकी बरामदगी भी की है। उधर, बरेली से बाइकों पर मांस को लादकर क्षेत्र के डंडूरी, बिनौरा, मिर्जागंज आदि स्थानों पर बिक्री के लिए भेजा जाता है।
इसी महीने पांच मई को पुलिस ने गौ मांस बेचने वाले पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि, 11 मार्च को पठानन पुरवा में कई गोवंशीय पशुओं का मांस और तीन पशु स्लाटर हाउस में बंधे मिले थे। मामले में तत्कालीन पढुआ चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया था, जबकि निघासन कोतवाल रहे चंद्रभान यादव को थाना हैदराबाद भेजा गया था।
सवालों के घेरे में पुलिस की भूमिका
निघासन क्षेत्र में लगातार हो रही गोकशी की घटनाओं में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सू्त्रों के मुताबिक क्षेत्र में स्लाटर हाउस चलवाने के लिए पुलिस मोटी रकम की उगाही करती है। निघासन के दो स्लॉटर हाउस को भी मांस बिक्री का लाइसेंस है। मवेशी वह नहीं काट सकते, बावजूद इसके वहां पार गोवंशीय पशु मिलने के बाद उसे बंद कराया गया था। लेकिन, आठ दिन बाद फिर से खुल गया।
गोकशी के खुलासे के लिए लगाई क्राइम ब्रांच
सरयू नदी में सात गायों के सिर मिलने के मामले में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया है। क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवकुमार ने बताया कि एक समुदाय में शादी के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया है। इंस्पेक्टर प्रभातेश कुमार ने बताया कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में झंडी, पढ़ुआ और ढखेरवा चौकी इंचार्ज को लगाया गया है। सरयू नदी में मिले गोवंशीय पशुओं के सिर एक सप्ताह पुराने लग रहे हैं। आशंका है कि सिंगाही थानाक्षेत्र के लोगों ने घटना को अंजाम दिया है।