लखीमपुर खीरी में पिछले दिनों डीआरएम के दौरे के बाद गौरीफंटा मंडी को फिर से बसाने की तैयारी है। गौरीफंटा में दशकों से बसी चली आ रही मंडी की कुछ दुकानों को वर्ष 2012 में व शेष बची दुकानों को वर्ष 2017 में वन विभाग ने अपनी जमीन बताते हुए कोर्ट का सहारा लेकर उजाड़ दिया था।
जिसके बाद से यहां के निवासियों द्वारा कोर्ट आदि जाकर मंडी को बसाने का प्रयास शुरू किया गया था। सूचना के अधिकार नियम के तहत सूचना भी मांगी गई थी। जिसमें बताया गया था कि उक्त जमीन रेलवे के अधीन है। इसके बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी से उन्होंने अनुरोध किया था।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने छह फरवरी को रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को स्थानीय लोगों के साथ पत्र देकर मंडी को दोबारा से बसाने की मांग की थी। इसके बाद बीते दिनों ही डीआरएम ने भी यहां आकर मौका मुआयना किया है।
सांसद प्रतिनिधि दीपक तलवार ने बताया कि यहां पर डीआरएम ने जगह पैमाइश भी की है। साथ ही उक्त जगह पर व्यवसायिक रूप से इसका उपयोग करने की बात कही है। जिससे उम्मीद है कि इस मंडी को फिर से स्थापित केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के प्रयासों से किया जाएगा।