आत्महत्या करने जा रहे संविदा कर्मी की रस्सी छीनते हुए ग्रामीण
बिजुआ। बिजुआ विद्युत उपकेंद्र में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी महेंद्र कुमार वर्मा ने नौकरी से निकाल दिए जाने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या की कोशिश की। समय रहते पता लगने से ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर उसे बचा लिया। पड़रिया तुला पुलिस ने युवक की जान बचाने वाले लोगों की मौजूदगी में महेंद्र को समझा बुझाकर उनके पिता मोहनलाल के सुपुर्दगी में दे दिया।
महेंद्र कुमार ने एक लंबा चौड़ा सुसाइड नोट भी लिखा है। जिसमें लिखा है कि कुछ समय पहले मालपुर फीडर पर संगमलाल लाइनमैन की ड्यूटी चल रही थी, जिसमें वह उनके सहायक के रूप में साथ में काम करता था। संगमलाल ने कई उपभोक्ताओं से बिल वसूली के नाम पर लाखों रुपये जमा करवाए और विभाग में नहीं जमा किए। अब उसका ट्रांसफर अंबारा फीडर पर हो गया है।
उसके साथ काम करने की वजह से लोग मुझे भी इस गबन में शामिल मानकर शिकायतें करने लगे। बिजली विभाग ने उसे दोषी मानते हुए काम से निकाल दिया है। जबकि, संगम लाल के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। इसी से क्षुब्ध होकर वह आत्महत्या कर रहा है। इसकी जिम्मेदारी एसडीओ पलिया सूर्यकुमार, जेई रविशंकर व लाइनमैन संगमलाल की होगी।
बिजुआ विद्युत उपकेंद्र के जेई रवि शंकर ने बताया की संगम लाल और महेंद्र ने उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूली के नाम पर लाखों रुपये ले लिए हैं और उन्हें विभाग में जमा नहीं कराया है। इसलिए उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है। एसडीओ पलिया सूर्यकुमार ने भी यही बात कहरी। बताया कि लाइनमैन संगमलाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए मध्यांचल वितरण निगम को लिखा गया है।