लखीमपुर खीरी। पांच साल पुराने एक मामले में पूर्व डीआईओएस सहित दो अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट मोहल्ला रामनगर कॉलोनी निवासी राजकीय पुस्तकालय के सदस्य जीतेंद्र प्रकाश गुप्ता सीजेएम न्यायालय के आदेश से दर्ज कराई है।
पीड़ित ने कोर्ट में बताया कि 25 नवंबर 2019 को डीआईओएस डॉ. आरके जायसवाल को संबोधित दो जरूरी पत्र स्पीड पोस्ट से भेजे गए थे। दोनों पत्रों को डाकिए ने 26 नवंबर 2019 को कार्यालय के डाक पटल पर रिसीव कराया था। इसके साक्ष्य भी मौजूद हैं।
आरोप है कि वरिष्ठ लिपिक भानु प्रताप सिंह ने दोनों पत्रों को पत्र प्राप्त पंजिका में दर्ज नहीं किया। पूर्व डीआईओएस आरके जायसवाल सहित राजकीय जिला पुस्तकालय के वरिष्ठ लिपिक मनोज कुमार पांडेय के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र करते हुए दोनों पत्रों को गायब कर दिया। पत्र गायब होने की सूचना पर पीड़ित ने छह नवंबर 2023 को एसपी से शिकायत की। मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। पुलिस ने सीजेएम कोर्ट के आदेश के तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
सीएजेएम के आदेश पर गोला डिपो के एआरएम पर मुकदमा दर्ज
- यात्री ने की थी बस अड्डे न जाकर एलआरपी चौराहा पर उतारने की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
गोला गोकर्णनाथ। यात्री की शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने गोला डिपो के एआरएम पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गजेंद्रपुरी निवासी प्रमोद कुमार पांडेय बताया कि वह प्राइवेट नौकरी करने लखीमपुर आते हैं। गोला से लखीमपुर की दूरी 39 किलोमीटर है। इसका किराया वह 54 रुपये देते हैं। डिपो की सिर्फ तीन बसें लखीमपुर बस अड्डे तक जाती हैं। शेष 22 बसें एलआरपी चौराहा से लखनऊ चली जाती हैं। यात्रियों के पूरा किराया देने के बावजूद उन्हें बाईपास पर उतार दिया जाता है। यात्रियों को ऑटो से अतिरिक्त भुगतान कर अपने गंतव्य पर जाना पड़ता है। यात्री ने आरोप लगाया कि एआरएम की वाहन मालिकों से साठगांठ है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर एआरएम महेश चंद्र कमल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।