लखीमपुर खीरी। हैंडपंप रिबोर के बाद अब मनरेगा के कार्यों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। शिकायत के बाद कराई गई जांच में फर्जीवाड़ा मिला है। ऐसे में संबंधित प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। नोटिस का जवाब संतोषजनक न होने पर रिकवरी के साथ ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मामला मोहम्मदी ब्लॉक क्षेत्र के मजगांव ग्राम पंचायत का है। कुछ लोगों ने सीडीओ अभिषेक कुमार से मनरेगा के कार्यों में गड़बड़ी होने की शिकायत की है। सीडीओ ने मामले की जांच डीसी मनरेगा को सौंपी थी, जिन्होंने मौके पर जाकर जांच की। डीसी मनरेगा विपिन चौधरी ने बताया कि जांच में गड़बड़ी मिली है। 120 मजदूरों का मस्टररोल बनाकर 1.64 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
बताया कि 15 अगस्त को 75 मजदूर और 16 अगस्त को 81 मजदूरों से काम होना दिखाया गया था। जांच में मौके पर उस हिसाब से काम नहीं मिला, जितनी संख्या मजदूरों की दिखाई गई थी। मौके पर कुछ जगह मिट्टी खुदी थी और कुछ जगह घास छिली पड़ी थी। आगे चारों ओर खेत थे, जिसमें धान की फसल खड़ी थी। यानी आगे काम होना संभव ही नहीं था।
ऐसे में मनरेगा योजना में धोखाधड़ी और सरकारी धनराशि का दुरुपयोग होना तय है। बीडीओ मोहम्मदी को पत्र लिखा गया है कि ग्राम प्रधान कृष्ण कुमार, सचिव राम प्रताप वर्मा और रोजगार सेवक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।