संपूर्णानगर (पलिया)। मूंगफली का दाना सांस नली में फंस जाने से संपूर्णानगर कस्बा के एक व्यवसायी की चार साल की बेटी की मौत हो गई। उधर, पलिया की स्टेशन रोड पर स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक पर रोते-बिलखते परिजन का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें चिकित्सक के न देखने पर जान चली जाने की बात कही जा रही है।
संपूर्णानगर की मिल रोड निवासी अहमद अंसारी की चार वर्षीय पुत्री परी रविवार सुबह नौ बजे घर में मूंगफली खा रही थी। बताया जाता है कि मूंगफली खाने के दौरान उसका दाना सांस नली में फंस गया। जब परी को सांस लेने में दिक्कत हुई तो वह उसे लेकर कस्बा के एक निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे लेकिन वहां से पलिया रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर पलिया के स्टेशन रोड स्थित एक निजी क्लीनिक पर पहुंचे लेकिन वहां पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे।
उपस्थित स्टाफ ने जब बच्ची को देखा तो उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन वहीं रोने-बिलखने लगे। जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुआ। चिकित्सक के न देखे जाने से बच्ची मौत की खबर की बात सामने आई, जबकि डॉक्टर ने इसे खारिज किया।
जो चीज थी पसंद वहीं बन गई मौत का कारण
चार वर्षीय मृतक परी को मूंगफली काफी पसंद थी। लेकिन उसकी पसंदीदा चीज ही उसकी मौत का कारण बन गई। मौत की खबर सुनकर मां यादरा खातून, दादी समेत अन्य परिजन का हाल बेहाल हो गया है। सूचना पड़ोसियों को होने पर उनके घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिजन के साथ ही आसपास के लोग भी दुलारी परी की मौत से गमजदा दिखाई दिए।
पीठ थपथपाने के साथ डकार दिलाकर बचाई जा सकती है जान
जिला अस्पताल के ईएनटी डॉक्टर मनोज शर्मा ने बताया कि देखा जाता है कि छोटे बच्चे खाने-पीने की चीजों को बिना चबाए ही निगल लेते हैं। चना, मूंगफली, मटर आदि बिना चबाए खाना हानिकारक है। यदि बच्चे इस तरह की कोई चीज निगल लेते हैं तो तुरंत पीठ थपथपाने के साथ ही डकार दिलानी चाहिए, ताकि गले में फंसी हुई चीज निकल सके। यदि इन तरीकों से कोई मरीज को कोई आराम नहीं मिलता है तो तुरंत चिकित्सीय सलाह लें। क्योंकि इस तरह की चीजें सांस नली में जाने के बाद फूलने लगती हैं, जिससे मौत भी हो सकती है।