लखीमपुर खीरी। संक्रामक बीमारियों को लेकर शहर के चार मोहल्ले डार्क जोन में रखे गए है। इनमें जलभराव होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा मलेरिया विभाग की सूची में सात ब्लॉक के दस गांव भी शामिल हैं। इनमें पिछले साल डेंगू और मलेरिया बुखार फैला था। ऐसे में इन जगहों पर फिर से मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
स्वच्छता के तमाम दावों के बावजूद मच्छरजनित बीमारियों ने पिछले साल 421 लोगों को अपनी चपेट में लिया था। इसमें मलेरिया के 103, डेंगू के 85 और फाइलेरिया के 233 केस सामने आए थे। मलेरिया विभाग ने जलभराव वाले शहर के चार मोहल्लों के साथ गांव और कस्बों को डार्क जोन में शामिल किया है।
इनमें ब्लॉक बिजुआ का एक, धौरहरा का एक, फूलबेहड़ का एक, बांकेगंज का एक, पलिया का एक, मोहम्मदी का एक और निघासन के चार गांव शामिल हैं। इनमें बारिश होने से जलभराव है। इसके बावजूद जलनिकासी से लेकर साफ सफाई के मामले में जिम्मेदार लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इससे जलभराव, गंदगी और कीचड़ ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है।
ब्लॉक- गांव
बिजुआ- बिजुआ
धौरहरा- धौरहरा
फूलबेहड़- खैइयां
पलिया- पलिया
बांकेगंज- मैलानी
निघासन- हरिसिंगपुर, निघासन, बथुआ टांडा, बड़ा बरसोला कलां
मोहम्मदी- फिरोजपुर
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