बिजुआ। ब्लॉक क्षेत्र में शारदा नदी लगातार तबाही मचाती जा रही है। शुक्रवार को चकपुरवा में शारदा नदी में चार और घर समा गए।
ग्राम पंचायत करसौर के चकपुरवा में शारदा नदी का कहर जारी है। घर नदी में समा रहे हैं। अब तक कुल 18 घर नदी में समा चुके हैं। पांच-छह घरों को नदी की धार काट रही है। गांव में कुल 60 मकान हैं, जिसमें 18 घर कट चुके हैं। लोग खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। जबकि, अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
कटान पीड़ितों को अभी तक तिरपाल या अन्य कोई विकल्प मुहैया नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीण खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। प्रशासन सिर्फ आलू पूरी के लंच पैकेट बांटकर ही अपनी पीठ थपथपा रहा है। कटान पीड़ितों का बहुत बुरा हाल है। अभी तक बाढ़ राहत राशन किट नहीं मिली है। शुक्रवार को चकपुरवा के चंद्रभान, राजेंद्र, बनवारी और छत्रपाल के घर नदी में समा गए।
टापू पर फंसे चार ग्रामीणों को एनडीआरएफ ने बचाया
बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चकपुरवा तथा बेंचेपुरवा के चार लोग नदी में बाढ़ आने से टापू पर फंस गए। जिनको एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला। ग्राम प्रधान को सूचना मिली कि रामेश्वर पुत्र भगवानदीन, धीरेंद्र पुत्र शत्रोहन लाल, हीरालाल पुत्र जसकरण लाल, अक्षय कुमार पुत्र कल्लू पानी के बीच टापू में फंस गए हैं। प्रधान ने एसडीएम गोला को अवगत कराया। एसडीएम गोला रत्नाकार मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर एनडीआरएफ की टीम को स्टीमर सहित बुलवाकर रेस्क्यू कराया।
बेलराया के गांवों में भी घुसा पानी
बेलरायां/तिकुनियां। बॉर्डर की मोहाना नदी में जलस्तर बढ़ने से ग्राम पंचायत कड़िया के ग्राम फरेंदा, कड़िया, दीपनगर जलमग्न हो गए है। गांवों में अचानक बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों में अफरातफरी मची हुई है। गांव फरेंदा के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से विद्यार्थियों की पढ़ाई चौपट हो गई है। धान, गन्ना की फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीणों ने घरों का सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ऊंचे स्थानों पर बसने की कवायद शुरू कर दी है। उधर, तिकुनिया के चौगुर्जी में तहसीलदार भीमचंद ने पहुंचकर हालात का जायजा लिया। संवाद
बेलरायां गांव फरेंदा से बाजार आते हुए बाढ़ पीड़ित
बेलरायां गांव फरेंदा से बाजार आते हुए बाढ़ पीड़ित
बेलरायां गांव फरेंदा से बाजार आते हुए बाढ़ पीड़ित