लखीमपुर खीरी। लखीमपुर शहर नगर पालिका के चुनाव में सियासत हर दिन रंग बदल रही है। सपा से बहू के लिए टिकट न मिलने पर तीन दिन पहले कांग्रेस का दामन थामने वाले पूर्व पालिका अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश बाजपेई बहू का पर्चा खारिज होने के बाद बुधवार को भाजपाई हो गए। मंगलवार को उनकी सपा में वापसी की पार्टी प्रभारी ने पुष्टि की लेकिन बुधवार दोपहर वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह व मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह ने उन्हें भाजपा में शामिल करवाया।
नगर पालिका लखीमपुर शहर सीट से टिकट न मिलने से सपा छोड़ कांग्रेस से नामांकन कराने वाले ज्ञान प्रकाश की बहू का पर्चा खारिज होने के बाद एकबार फिर उनका मन बदल गया। पिछले तीन दिन में तीन पार्टियां बदल डालीं। रविवार सुबह तक वह सपा में थे। टिकट के एलान के बाद बागी हुए तो देर शाम कांग्रेसी हो गए। सोमवार को बहू लता बाजपेई को चुनाव लड़ाने के लिये कांग्रेस नेताओं के साथ नामांकन भी करवाया। लेकिन मंगलवार को बहू का पर्चा खारिज हुआ तो खबर उड़ी कि वह सपा में आ गए हैं। सपा से जुड़े लोग उनसे घर पर मिलने भी पहुंचे थे।
इस संबंध में सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव ने भी दावा किया था कि पारुल गुप्ता को छोड़ सभी की सपा में वापसी हो गई है और बुधवार को इस संबंध में प्रेस वार्ता की जाएगी लेकिन बुधवार की सुबह सपा जिलाध्यक्ष इंतजार ही करते रह गए और उधर, पुष्पा सिंह के चुनाव कार्यालय पहुंचकर ज्ञान प्रकाश भाजपाई हो गए। हालांकि, सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि बाद में प्रेसवार्ता निरस्त कर दी गई थी।
नामांकन के दिन पुष्पा सिंह ने पैर छूकर लिया था आशीर्वाद
लखीमपुर खीरी।सोमवार को कलेक्ट्रेट में नामांकन के बाद पुष्पा सिंह ने ज्ञान प्रकाश के पैर छूकर आशीर्वाद मांगा था। एक दिन बाद ही बुधवार को ही उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर पुष्पा सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार की हामी भर दी। भाजपा नेताओं के बीच ज्ञान प्रकाश बाजपेई ने दावा किया कि धन बल के जरिये उनका पर्चा निरस्त करा दिया। ऐसा किसने किया, इसका जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि 11 साल से भाजपा का सदस्य रहा हूं। 2002 में भाजपा ने चुनाव लड़ाया था लेकिन आठ वोट से हार गए थे। सपा ने पहले भी धोखा देकर चुनाव लड़ाया। एक मन में कुंठा थी कि भाजपा के साथ नहीं रह पाया। सुनील सिंह हमारे भाई हैं, उनके जरिये भाजपा में आए हैं। कहा कि पुष्पा सिंह के लिए प्रचार करुंगा। चुनाव लड़ने की कोई लालसा नहीं है। न ही चुनाव लड़ने की इच्छा से भाजपा में आया हूं।