गंगाबेहड गांव में खेत में लगा पिंजरा और कैमरा, गश्त करते वन अधिकारी। ग्रामीण
महेवागंज। तेंदुए के हमले से उपजे गुस्से के कारण गांव गंगाबेहड़ में रविवार को हुए बवाल के बाद दूसरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा। वन कर्मी तेंदुए की खोजबीन में जुटे रहे। पिंजरे और कैमरे लगाए, लेकिन कुछ पता नहीं कर सके।
सोमवार को डीफओ दक्षिण खीरी संजय विश्वाल ने मौका मुआयना किया और मातहतों को जल्द तेंदुए को पकड़ने के निर्देश दिए। वन रेंज शारदानगर व फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के गंगाबेहड़ निवासी मुनव्वर के 12 वर्षीय पुत्र छोटू को शनिवार शाम तेंदुए ने अपना शिकार बना लिया था। ग्रामीणों ने गांव से करीब 500 मीटर दूर गन्ने के खेत से अधखाया शव बरामद किया था।
रविवार सुबह पशुओं के चारे के लिये गन्ने की पत्ती काट रहे एक युवक पर भी तेंदुए के हमले की बात सामने आई थी। घटना से नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह लखीमपुर, शारदा नगर मार्ग जाम कर दिया था। इस बीच कुछ शरारती तत्वों ने वन कर्मियों और पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में एक पुलिस जीप का शीशा टूट गया था।
पुलिस और पीएसी ने डंडा फटकार कर हालात संभाले। रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव गांव पहुंचा। गमगीन माहौल में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एहतियातन पुलिस बल और प्रशासन के अधिकारी गांव में मौजूद रहे। तेंदुआ को पकड़ने के लिए रविवार को ही गन्ने के खेतों में दो पिंजरे, पांच जाल, तीन नाइट विजन ट्रैकिंग कैमरे लगाए गए। ड्रोन से भी लोकेशन ट्रेस की गई।
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सोमवार को भी तेंदुआ देखे जाने का मचा शोर
महेवागंज। इलाके में तेंदुए की दहशत बनी है। गंगाबेहड़ में हमले की घटनाओं के बाद रविवार रात पास के गांव बिदौरा और सोमवार दोपहर अचाकापुर पेट्रोल पंप के पास तेंदुआ देखे जाने का शोर हुआ। वन कर्मी मौके पर पहुंचे। किसी जंगली जीव के पगचिह्न नजर आए। वन कर्मियों ने भेड़िया या सियार के पगचिह्न होने की आशंका जताई। रेंजर अभय मल्ल ने बताया कि हमले के बाद से तेंदुए का पता नहीं लगा है।