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गांवों से उतर रहा पानी मगर कटान बना मुसीबत

सार

शारदा और सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की चपेट में आए कई गांवों में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।कुछ गांवों से नदी का पानी उतर गया है लेकिन रास्ते अभी भी जलमग्न हैं।एसडीएम कार्तिकेय सिंह, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने मंगलवार को भी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया।
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विस्तार
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पलियाकलां। शारदा और सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की चपेट में आए कई गांवों में अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। कुछ गांवों से नदी का पानी उतर गया है लेकिन रास्ते अभी भी जलमग्न हैं। पानी कम होने से जमीन का कटान तेजी से शुरू हो गया है। वहीं शारदा नदी अब बी खतरे के निशान से 22 सेंटीमीटर ऊपर 154.320 सेंटीमीटर पर बह रही है।
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रविवार की देर रात से सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ने से देवीपुर, गजरौरा, फुलवरिया, ऐंठपुर, बिलहिया फार्म, खुशीपुर, निषादनगर, पटिहन, घोला आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। मंगलवार को गांवों से पानी उतरने लगा। घोला निषादनगर में पानी बिल्कुल उतर गया है। हालांकि, संपर्क मार्गों पर करीब तीन फीट तक पानी भरा हुआ है। एसडीएम कार्तिकेय सिंह, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह ने मंगलवार को भी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। पलिया के डिग्री कालेज परिसर और फायर बिग्रेड दफ्तर में करीब तीन फुट पानी भरा है। एसडीएम ने बताया कि सीएचसी अधीक्षक से पानी कम होने के बाद मेडिकल कैंप लगाने को कहा गया है।
सुहेली नदी पर बना बंधा कटा
इलाके के बुद्धापुरवा के पर्वतिया घाट से लोहरा वीरान तक सुहेली नदी पर बना बंधा मंगलवार को कट गया। इससे पानी बंधे से सटे मलिनियां, बेला, अफीमीपुरवा समेत अन्य गांवों में धीरे-धीरे भरने लगा। आसपास के खेतिहर इलाके में भी सुहेली नदी का पानी भर गया है। मलिनियां ग्राम प्रधान राजदीप सिंह रिंकू सुबह से ग्रामीणों के सहयोग से बंधे को बचाने का प्रयास करते रहे लेकिन तेज बहाव के कारण बंधा कट गया। एसडीएम ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा निजी रूप से बंधा बनाया गया था अब पानी उतरने के बाद मजबूत बंधे का निर्माण कराया जाएगा। मलिनियां प्रधान राजदीप सिंह ने बताया कि बंधा कटने से निघासन तहसील के बल्लीपुर समेत करीब 14 ग्राम पंचायतें प्रभावित होंगी और समय रहते सुहेली बैराज का गेट नहीं खुलवाया गया तो निघासन रोड की रपटा पुल पर भी बाढ़ का पानी चलने लगेगा।
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