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Lakhimpur Kheri News: 15 दिन में अतिक्रमण हटाने का अंतिम नोटिस चस्पा

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तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर की जमीन पर गजियापुर बनी दुकानें और झोपड़ी।संवाद
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रमियाबेहड़। गांव गजियापुर के कब्जाधारियों को तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर ने नोटिस देकर जमीन खाली करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। ग्रामीणों का कहना है उनके पास सिर छुपाने की जगह नहीं है, वे कहां जाएंगे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से घर खाली कराने पर रोक लगाने की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है। चालीस साल से वे लोग घर बना कर रह रहे हैं। सरकारी आवास, बिजली बिल और गांव में लगी पानी की टंकी के कनेक्शन हैं। सहायक अभियंता तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर ने जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अंतिम नोटिस चस्पा किया है।
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लेखपाल सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर ने करीब छह महीने पूर्व पैमाइश कराई थी। जिसमें दुकान और मकान का चिह्नीकरण राजस्व की टीम ने कर दिया था। अतिक्रमण कब हटाया जाएगा, ये सिंचाई विभाग ही तय करेगा। जेई नितिन यादव ने बताया कि सीमांकन के बाद लिस्ट तैयार कर ली गई है।
अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस चस्पा कर दिया गया है। कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं हुआ तो मुनादी कराने के बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
अतिक्रमणकारी कहां रहेंगे, यह नोटिस देने वाले तय करेंगे
उप जिलाधिकारी निघासन राजीव निगम ने बताया कि सिंचाई विभाग ने पुलिस और मजिस्ट्रेट टीम की मांग की है। जिसे समय पर उपलब्ध करा दिया जाएगा। अतिक्रमणकारी जो जद में आ रहे हैं कहां रहेंगे, यह जिन्होंने नोटिस दिया है वो तय करेंगे।
क्या कहते हैं लोग

फोटो-39
ग्रामीण यहां पर करीब चालीस साल से रह रहे हैं। सिर छुपाने के लिए जगह नहीं है। ये सब कहां जाएंगे। विभाग ने नोटिस चस्पा करके घरों को खाली करने का आदेश दिया है।
अबरार खान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य

फोटो-40
मेहनत मजदूरी कर घर चलाते हैं, हम सब पहले ही बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। अब घर खाली करने का फरमान जारी हुआ है, आखिर हम लोग बच्चों को लेकर कहां जाएं। घर बनाने की जगह दी जाए।
हीरा देवी

फोटो-42
नोटिस चस्पा करके घर खाली करने को कहा गया है। चालीस साल से रहते हैं। जमीन नदी में कट चुकी है। हम घर बनाएं या बच्चों को पढ़ा लिखाकर भविष्य संवारे। महंगाई में पेट चलाना मुश्किल हो रहा है अब नई मुसीबत सर आ गई।
अंजू देवी

फोटो-41
किसी तरह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण होता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है, जमीनों में पानी भरने से फसल अच्छी नहीं हो पाती। पंद्रह दिन का समय दिया है। अब ये सब सामग्री कहां ले जाएं। परिवार और बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी, जब दुकानों पर बुलडोजर चल जाएगा।
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रामदीन जायसवाल

तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर की जमीन पर गजियापुर बनी दुकानें और झोपड़ी।संवाद

तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर की जमीन पर गजियापुर बनी दुकानें और झोपड़ी।संवाद

तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर की जमीन पर गजियापुर बनी दुकानें और झोपड़ी।संवाद

तृतीय सिंचाई खंड शारदानगर की जमीन पर गजियापुर बनी दुकानें और झोपड़ी।संवाद

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