पसगवां। सीएचसी क्षेत्र की ग्राम पंचायत नयागांव किशोरी में कई लोग बुखार की चपेट में हैं। बावजूद इसके गांव में न तो स्वास्थ्य शिविर लगा है, न ही साफ सफाई कराकर एंटीलार्वा आदि का छिड़काव ही कराया गया है। इससे ग्रामीणों में डेंगू और मलेरिया बुखार फैलने को लेकर दहशत है।
गांव निवासी प्रभाकर, मेनका, रामजीत, मजनू, आजाद, रामकिशोर, प्रिया, रुचि, मोनू, रामभैया, प्रकाश, बलराम, नन्हें, शिल्पी, हिमांशु, गुड्डू, लक्ष्मण, हरीराम, रामदेवी, चक्करपाल, अरविंद, अनूप, मुकेश, रामदेवी, मीरा देवी, पुनीत, रामचंद्र, देवप्रकाश, आनंद कुमार, प्रीति, रामजी सहित करीब 70 से अधिक ग्रामीण जाड़ा लगकर बुखार आने से पीड़ित हैं।
उधर, निजी पैथाेलॉजी की जांच में गांव निवासी रामजी, रामभैया में मलेरिया बुखार की पुष्टि हुई है। इसके अलावा गांव नरदी निवासी डालचंद्र में मलेरिया बुखार की पुष्टि हुई है। बीमारियों का प्रकोप और गांव में व्याप्त गंदगी को लेकर ग्रामीणों में सीएचसी और ब्लॉक के जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी है। सीएचसी अधीक्षक डाॅ. अश्वनी वर्मा ने बताया कि गांव में लोगों को जाड़ा लगकर बुखार आने के बारे में ग्राम प्रधान से जानकारी मिली है। बुधवार को गांव में शिविर लगवाकर मरीजों का परीक्षण कर दवाएं वितरित कराई जाएगीं।
न जल निकासी के इंतजाम न साफ सफाई के, कैसे न फैलें बीमारियां
गांव में गंदगी और जलभराव होने की वजह से नालियां बजबजा रहीं हैंं, जो संक्रामक बीमारियों की वजह भी बन रहीं हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में एक सफाई कर्मचारी है, जो महीने में एक-दो बार ही आता है। नियमित सफाई न होने से नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। प्रधान सर्वेश कुमार ने बताया कि एक बार सीएचसी से एंटीलार्वा दवा मिली थी, जिससे छिड़काव कराया था। इसके बाद फिर नहीं मिली।