मितौली। गन्ना और धान की फसल के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता है, लेकिन समितियों पर यूरिया की किल्लत है। इससे फसल प्रभावित हो रही है। किसान परेशान हैं।
मितौली तहसील मुख्यालय की किसान सेवा सहकारी समिति पर 16-17 जुलाई को 600-600 कुल 1200 बोरी यूरिया खाद आई थी, जो चार दिन पहले ही बिक चुकी हैं। समिति से 20 दिन पहले 1200 बोरी यूरिया खाद की आपूर्ति के लिए पीसीएफ को चेक भेजा जा चुका है। पीसीएफ से अभी तक यूरिया खाद समिति पर नहीं पहुंची है। सचिव शिव विनोद सिंह ने बताया है कि समिति पर यूरिया खाद की किल्लत है। खाद की डिमांड के लिए 20 दिन पहले ही पीसीएफ को चेक भेज दिया था मगर अभी तक यूरिया नहीं आई है। जल्द ही समिति पर यूरिया खाद उपलब्ध हो जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र की समितियों पर भी महीनों से नहीं खाद
मितौली तहसील मुख्यालय के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की समितियों पर भी यूरिया की किल्लत है। कई समितियों पर महीनों से यूरिया नहीं पहुंची है। इससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साधन सहकारी समिति कस्ता में करीब एक सप्ताह से यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। वहीं, संडिलवा में चार दिन से व अबगांवा समिति पर एक महीने से यूरिया उपलब्ध नहीं है। पिपरझला समिति पर दो महीने से यूरिया खाद नहीं है। किसान प्राइवेट दुकानों से मंहगे दामों में यूरिया उर्वरक खरीदने को मजबूर हैं।