निघासन। छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एसडीएम ने एक घंटे तक किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
भाकियू जिला उपाध्यक्ष जसपाल सिंह पल्ला ने बताया कि 28 अप्रैल को किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा था। ज्ञापन में गोवंशीय पशुओं के न पकड़े जाने पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। शुक्रवार को समयावधि पूरी होने के बाद किसान एसडीएम दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए। एसडीएम, तहसीलदार भीमचंद्र, बीडीओ एसपी मिश्रा, सीओ राजेश कुमार, इंस्पेक्टर प्रभातेश कुमार ने करीब एक घंटे तक समझाने की काशिश की। इसके बाद भी किसान नहीं माने।
जसपाल सिंह ने बताया कि 30 मई को राकेश टिकैत के आने के बाद ही धरने की अगली रणनीति तय की जाएगी। इस दौरान रमेश मौर्य, नवरतन, सुनील, प्रगट सिंह, जयमाल सिंह, अमर सिंह, कुलविंदर सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
उधर, किसानों के आंदोलन को तहसील अधिवक्ता संघ ने भी समर्थन दिया है। तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता ने बताया कि संघ के पदाधिकारी, राकेश शुक्ला, हरिओम, नईम, माया चौधरी, शशिकांत पांडेय आदि भी किसानों के साथ धरने पर बैठे हैं। जसपाल सिंह पल्ला ने बताया कि जब तक समस्या का हल नहीं होगा। तब तक धरना दिन और रात जारी रहेगा।