बेलहासिकटिहा मे ग्रामीणों से वार्ता करते नायब तहसीलदार। संवाद
बिजुआ। शारदा नदी के कटान से डरे बेलहा सिकटिहा गांव के करीब 20 परिवार बृहस्पतिवार को सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार सुबह घरों से सामान निकाला और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लादकर गांव के दूसरी ओर डेरा जमाया है। उधर, नदी की कटान की गति थोड़ी कम हुई है।
बाढ़ का पानी गांवों से उतरने के बाद शारदा नदी ने कटान तेज कर दी। कटान से बेलहा सिकटिहा गांव के ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ। 35 से 40 एकड़ जमीन नदी में समा गई। देवी स्थान और पीपल का पेड़ भी कट गया। 25 से अधिक ग्रामीणों के घर कटान के मुहाने पर हैं। नदी इन घरों से बमुश्किल पांच मीटर की दूरी पर है। नदी की कटान से डरे ग्रामीणों ने अब पलायन शुरू कर दिया है।
बृहस्पतिवार सुबह के समय कुछ ग्रामीण डनलप, ट्रैक्टर-ट्रॉली और सिर पर सामान लादकर सुरक्षित स्थान पर जाते दिखे। ग्रामीण, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नीचे गृहस्थी तथा ऊपर छप्पर लाद कर ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की तरफ बढ़ रहे थे। कई ग्रामीणों ने गांव के दूसरी ओर ऊंचे स्थान पर तिरपाल व छप्पर आदि डालकर आशियाना बनाया है।
नदी की धारा स्थिर होने से कटान कुछ कम हो गया है, लेकिन पानी कम होने की स्थिति में कटान फिर शुरू हो सकता है। बाढ़ खंड के लोग कटानरोधी कार्य के लिए सामग्री लाए थे, लेकिन ग्रामीणों ने उनको सामग्री का प्रयोग नहीं करने दिया।
बेलहासिकटिहा मे ग्रामीणों से वार्ता करते नायब तहसीलदार। संवाद
बेलहासिकटिहा मे ग्रामीणों से वार्ता करते नायब तहसीलदार। संवाद