बिजुआ। बेलहा सिकटिहा और नयापुरवा गांव में कोई और मकान नहीं कटा है, लेकिन ग्रामीण इतने डर गए हैं कि खुद ही मकानों को तोड़ रहे हैं। उन्हें डर लग रहा है कि शारदा नदी में मकान समान के बाद ईंटें और सरिया भी नहीं मिल सकेंगी। इसलिए हथौड़े से तोड़कर ईंटें निकाल ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं। नयापुरवा में अभी तक बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है।
बृहस्पतिवार को चार मकान कटने के बाद शारदा नदी कुछ शांत हो गई है, लेकिन अभी तक कटान का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। नयापुरवा और बेलहा सिकिटिहा गांव के लोग सामान ले जाने की तैयारी में हैं। बाढ़ खंड के जेई शिवा वर्मा नयापुरवा गांव मौके पर गए थे। बचाव का आश्वासन भी दिया था, लेकिन शुक्रवार तक नयापुरवा में कोई बचाव कार्य नहीं शुरू हुआ।
बेलहा सिकटिहा, दंबलटांडा, रेवतीपुरवा, लौकहा और ढखिया में बाढ़ खंड लगातार कार्य कर रहा है। बाढ़ खंड के जेई कुंदनलाल ने बताया कि सभी परियोजनाओं की मरम्मत चार से पांच दिन में कर ली जाएगी। बेलहा सिकटिहा में भी बचाव कार्य शुरू कर दिया है, उसे पूरा होने में समय लगेगा। नया पुरवा के लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया कि गांव में लगभग 20 परिवार बचे हैं, जो अपना सामान और बच्चों को निकालकर ऊंची जगहों पर ले जा रहे हैं।
गांव में बुजुर्ग तथा कुछ पशु बचे हैं। गांव खाली हो रहा है। जो भी कटान पीड़ित दूसरी जगह बसना चाहता है, वह संपर्क कर सकता है। रहीम नगर ग्रंट में कटान पीड़ितों के लिए 12 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। शुक्रवार को दो बजे बनवसा बैराज से 1,43,520 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। लोग जल्दी-जल्दी अपना सामान समेट कर भाग रहे हैं। लोग मकानों को तोड़ रहे हैं। कटान से बचाव के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं।
रंग लाई ग्रामीणों की मेहनत, रुका मार्ग कटान
फूलबेहड़/महेवागंज। बेचनपुरवा गांव के ग्रामीणों की मेहनत आ रंग लाई है। बांस बल्ली घास-फूस डालकर किसी तरह इकलौते मार्ग को कुछ हद तक कटने से बचा लिया। अब ग्रामीणों को पलायन में खासी दिक्कत नहीं होगी।
शारदा तटबंध के अंदर बसे सदर तहसील के गांव पकरियापुरवा से बेचनपुरवा जाने वाला इकलौते खड़ंजा मार्ग पर शारदा नदी कटान कर रही थी। इसका आधा भाग कट चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने कटान रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। मंगलवार बेचनपुरवा के लोगों ने स्वयं ही मार्ग बचाने के लिए बांस, बल्ली और झाड़ झंखाड़ लगाकर कटान रोकने की कोशिश की।
बुधवार से कटान में कमी आ गई। नतीजा ये रहा कि शुक्रवार को खडंजा कटना बंद हो गया। ग्राम प्रधान प्रीतम यादव ने बताया कि पिछले सप्ताह से बेचनपुरवा मार्ग का नदी तेजी से कटान कर आगे बढ़ रही थी, ग्रामीणों का प्रयास रंग लाया है। दूसरी ओर धोबियाना गांव की तरफ भी नदी तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को शारदा नदी में प्रह्लाद, मुशाफिर, प्रभुदयाल ,रामप्रसाद, रामबृक्ष के धान और गन्ने की फसल नदी में समा गई।
फूलबेहड़ के बेंचनपुरवा में सड़क कटान रोकते ग्रामीण।संवाद