सबसे कम मुआवजा मात्र 3000 रुपया संडाबेड़ा निवासी संतोष देवी को मिला है। फिलहाल यह मुआवजा वन विभाग की ओर से दिया गया है। भविष्य में जंगली हाथियों से फसलों को होने वाले नुकसान का मुआवजा तराई हाथी रिजर्व के फंड से किया जाएगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया कि जंगली हाथियों से किसानों की फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति नुकसान के सर्वे के आधार पर किया जाता है। तराई एलीफैंट रिजर्व बनने के बाद अब मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया और आसान होगी। इससे किसानों को मुआवजा मिलने में देरी नहीं होगी।