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Lakhimpur Kheri News: हाथियों ने फसलें कीं बर्बाद, वन विभाग ने 28 किसानों के खातों में भेजा मुआवजा

Fri, 10 Feb 2023 04:53 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

पलिया वन प्रभाग क्षेत्र में हाथियों ने उत्पात मचाकर सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद कर दी थीं। इस नुकसान के एवज में वन विभाग की ओर से 28 किसानों को मुआवजा दिया गया है। 
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दुधवा के जंगल में हाथी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जंगली हाथियों ने सैकड़ों बीघा फसलें तबाह कर दीं थीं। फसलों के नुकसान के एवज में वन विभाग ने छह लाख 49 हजार 110 रुपये का मुआवजा 28 किसानों के खाते में भेज दिया है। मुआवजा पाने वाले सभी 28 किसान दुधवा टाइगर रिजर्व के आसपास पलिया वन प्रभाग के हैं। 

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पलिया वन प्रभाग के घुसकिया, मौरा, बलेरा, बरबटा, पोया, भूड़ा, बजाही, चंबरबोझ, छेदनीपुरवा, फरसहिया, बंशीनगर और संडाबेड़ा गांवों में जंगली हाथियों ने उत्पात मचाकर किसानों की फसलों को तबाह किया था। क्षतिपूर्ति के लिए किसानों के आवेदन पर राजस्व विभाग के सर्वे के बाद मुआवजे का प्रस्ताव दुधवा टाइगर रिजर्व से प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विभागाध्यक्ष) को भेजा गया था। पीसीसीएफ की मंजूरी के बाद कुल छह लाख 49 हजार 110 रुपया 28 किसानों के खातों में भेज दिया गया है। 

इन किसानों को मिला मुआवजा 

सबसे अधिक मुआवजा 81591 रुपये चंबरबोझ निवासी जसपाल सिंह को मिला है। इनके अलावा चंबरबोझ के ही प्रदीप सिंह को 77049 रुपये,  बंशीनगर फरसहिया के राजेंद्र सिंह को 75852 रुपये, फरसहिया के तारेंद्र सिंह को 56051 रुपये, फरसहिया के हरनेंद्र सिंह को 50967 रुपये का मुआवजा मिला है। 

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सबसे कम मुआवजा मात्र 3000 रुपया संडाबेड़ा निवासी संतोष देवी को मिला है। फिलहाल यह मुआवजा वन विभाग की ओर से दिया गया है। भविष्य में जंगली हाथियों से फसलों को होने वाले नुकसान का मुआवजा तराई हाथी रिजर्व के फंड से किया जाएगा। 

दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया कि जंगली हाथियों से किसानों की फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति नुकसान के सर्वे के आधार पर किया जाता है। तराई एलीफैंट रिजर्व बनने के बाद अब मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया और आसान होगी। इससे किसानों को मुआवजा मिलने में देरी नहीं होगी।
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