फुटपाथ पटरी दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर फुटपाथ पटरी पर छोटा मोटा व्यवसाय करने वाले लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें उजाड़ा जा रहा है जबकि फुटपाथ पटरी दुकानदार नगर पालिका द्वारा घोषित वेंडर जोन में अपना व्यवसाय कर अपना और अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। अतिक्रमण हटाने के दौरान उन्हें भी नहीं बख्शा जा रहा है। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। फुटपाथ पटरी दुकानदारों ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों का उत्पीड़न बंद हो। स्थाई अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि शहर में जो स्थाई अतिक्रमण है उसमे देखा जाए कि अवैध निर्माण के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। नगर पालिका द्वारा फर्जी तौर पर घोषित वेंडिंग जोन और नॉन वेंडिंग जोन की फिर से खुली समीक्षा की जाए। नगर पालिका के नालों पर अवैध रूप से बनी इमारतों ओर दुकानों को ध्वस्त कराया जाए। फुटपाथ पटरी दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न के विरोध में शहर के रामनवमी मंदिर से नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। जुलूस का नेतृत्व फुटपाथ पटरी दुकानदार समिति के अध्यक्ष बृजेश पटवा ने किया। यह जुलूस शहर के मुख्यमार्गों से होते हुए विलोबी मेमोरियल हाल के मैदान में पहुंचा। जहां समिति की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार सदर को सौंपा गया। प्रदर्शन में सैकड़ों फुटपाथ पटरी दुकानदार शामिल रहे।