पलियाकला। केंद्र सरकार के आम बजट के बाद दुधवा नेशनल पार्क के वन क्षेत्रों में बेहतर कार्य होने और पर्यटन में चार चांद लगने की उम्मीद बढ़ गई है। व्यवस्थाओं को सुधारने का कार्य अच्छा होने से इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलने के संकेत मिल रहे हैं। जंगल के रास्तों को अच्छा बनाने से पर्यटन में इजाफा होगा।
दुधवा नेशनल पार्क में केंद्र सरकार व राज्य सरकार दोनों का ही सहयोग मिलता है। यहां अधिकांश केंद्र सरकार की संचालित योजनाएं ही चलती हैं, लेकिन कहीं-कहीं राज्य सरकार भी दुधवा के विकास औप पर्यटन को बढ़ावा देने का काम करती है। दुधवा में इको टूरिज्म के तहत राज्य सरकार की तरफ से व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कैंपा प्रोजेक्ट के तहत हाथियों, गैंडों के रखरखाव, देखभाल समेत अन्य कार्य कराए जाते हैं। केंद्र सरकार की एनटीसीए प्रोजेक्ट के तहत कई कार्य दुधवा में होते हैं। ग्रासलैंड, फांटा, वेटलैंड समेत अन्य जगहों में होने वाले कार्य कराए जाते हैं। अभी प्रशासन को पेश किए बजट से यही आस है कि ज्यादा से ज्यादा बजट निर्धारित हो, तो उसके तहत विभिन्न कार्यों को अंजाम तक पहुंचाकर वन क्षेत्रों का विकास कराया जा सके। ताकि ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिल सके।
एयरपोर्ट भी पर्यटन में लगाएगा चार चांद
पलिया के मुंजहा स्थित एयरपोर्ट के संचालन को लेकर निर्णय लिया जा चुका है। हवाई पट्टी के एयरपोर्ट के रूप में संचालन शुरू होने के बाद दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन को चार चांद लग सकते हैं। बाहर व दूर-दराज से सड़क व अन्य मार्गों के जरिये दुधवा पहुंचने वाले सैलानियों को हवाई पट्टी सुगम यातायात रहेगी और यहां ज्यादा से ज्यादा सैलानी पहुंचेंगे। इससे पर्यटन पर भी खासा प्रभाव पड़ेगा।
किस तरह से हो सकता है वन क्षेत्रों का विकास
पार्क प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार जिन रास्तों पर सैलानियों को भ्रमण कराया जाता है, उन रास्तों को बेहतर बनाया जाए और यहां की जानकारियों से संबंधित बोर्ड व अन्य आवश्यक चीजों को लगाया जाए। जिससे सैलानियों को जंगल के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारियां मिले और उन जानकारियों को करीब से देखने के लिए सैलानी दुधवा नेशनल पार्क की तरफ आकर्षित हों। बजट में वन क्षेत्रों को डेवलप करने संबंधी बात हुई है।
वर्जन
व्यवस्थाओं को सुधारने का काम भविष्य में होना चाहिए। कैंटीन और जंगल के रास्ते ठीक हों। बारिश में पार्क बंद होगा लेकिन खुलने के बाद बाकी रास्ते और अच्छे कराए जा सकते हैं। प्रोजेक्ट टाइगर का बजट केंद्र और इको टूरिज्म का प्रदेश सरकार देती है।
ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व