अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: कई जगह हुईं गोष्ठियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिले भर में गोष्ठियों के आयोजन के साथ महिला सशक्तीकरण के लिए काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सौजन्या संस्था ने शहर के मोहल्ला बहादुरनगर में महिला दिवस पर गोष्ठी की और महिलाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
अंतरराष्ट्ररीय महिला दिवस के मौके पर मां हीराबेन लोक कल्याण एवं ग्रामीण विकास फाउंडेशन और यूथ एजूकेशनल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. कामिनी सिंह को मातृशक्ति सम्मान 2016 प्रदान किया गया। डॉ. कामिनी सिंह को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सुनीता शुक्ला ने प्रदान किया। इस मौके पर डॉ. कामिनी सिंह ने कहा कि उन्होंने जब शिक्षक के रूप में कार्य प्रारंभ किया तो महसूस किया लड़कियों को अलग से प्रोत्साहित करने की जरूरत है। बतौर शिक्षक उनका यह प्रयास भी रहा।
सचिव सुनीता शुक्ला ने बताया कि मातृशक्ति सम्मान भविष्य में हर वर्ष दिया जाएगा। अगले वर्ष स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता साधना सिंह और संचालन मृगांक शेखर उपाध्याय ने किया। इस मौके पर रीना सिंह, अमिता उपाध्याय, मनोज सिंह, बीना अग्निहोत्री, नीलम शर्मा, मिथलेश मिश्र, शशि जौहरी, सोनिया अरोरा, संतोष सिंह, छाया गुप्ता समेत दोनों संस्थाओं के सदस्य मौजूद रहे।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए काम करने वाली सौजन्या संस्था ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस मौके पर गोष्ठी भी हुई जिसमें अध्यक्ष उमा कटियार ने महिलाओं के शिक्षित और स्वावलंबी बनने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सौजन्या संस्था इसी दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला दिवस केवल महिलाओं को उनके अधिकारों की याद दिलाती है बल्कि समाज में उनकी उपयोगिता महत्व और दायित्वों का भी स्मरण कराती है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी सुमित्रा यादव और विशिष्ट अतिथि पूनम आगा रहीं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के स्वावलंबन के लिए काम करने वाली दो महिलाओं कीपी अन्नू और गीता को स्मृति चिह्न और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था की ओर से मुख्य अतिथि सुमित्रा यादव और पूनम आगा ने संयुक्त रूप से प्रदान किया। इस मौके पर संस्था की तमाम सदस्य मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान केके मिश्र ने गौरैया संरक्षण के प्रति महिलाओं को जागरूक किया और उन्हें नेस्ट बाक्स भी वितरित किए गए।
बचपन बचाओ फाउंडेशन की ओर से महिला दिवस के मौके पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सशक्त ग्रामीण महिला सशक्त भारत अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला चिकित्सालय की स्टाफ नर्स जनयब, विशिष्ट अतिथि शिल्पी वर्मा रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेनू श्रीवास्तव ने की। संचालन सुआगाड़ा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक पूर्णिमा मिश्रा ने किया।
मुख्य अतिथि जनयब ने महिलाओं को लड़कियों की पढ़ाई के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने महिलाओं की आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। इस मौके पर महिलाओं के बीच सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेता महिलाओं को बचपन संवारो फाउंडेशन के अध्यक्ष बृजेश मिश्र ने पुरस्कृत किया। इस मौके पर मैत्रेयी मिश्रा, हंसिका श्रीवस्तव, याशमीन हुसैन, रेनू श्रीवास्तव, साहिल, ध्रुव मिश्र आदि मौजूद रहे।
वैदेही बालिका सेवा संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक गोष्ठी का आयोजन किया। संरक्षक सविता तिवारी ने समाज में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने संस्था द्वारा आयोजित गोष्ठी में कहा कि महिलाएं स्वयं को किसी से कम न समझें। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा और स्वावलंबन पर भी बल दिया।