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Lakhimpur Kheri News: खुलने से पहले ही 21 नवंबर तक दुधवा के कई हट हुए बुक

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दुधवा में हटों के बाहर की गई साफ-सफाई।
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पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क दो दिन बाद यानी 15 नवंबर से सैलानियों के लिए खुलने जा रहा है। वन्यजीवों को करीब से देखने और प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए इस बार 21 नवंबर तक कई हटों की बुकिंग हो चुकी है। वहीं पार्क प्रशासन भी सैलानियों को बेहतर व्यवस्थाएं देने के लिए जुटा हुआ है।
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15 नवंबर से खुलने वाले दुधवा नेशनल पार्क में पहले दिन ही कई हटों की बुकिंग हो चुकी है। इसके बाद 21 नवंबर तक किसी दिन तीन तो किसी दिन चार हटों की बुकिंग हैं। हालांकि अब तक हाउसफुल जैसी किसी भी दिन की कोई स्थिति नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले सैलानी प्रतिदिन दुधवा में रुकने व जंगल भ्रमण के लिए बुकिंग करा रहे हैं।
पार्क सूत्रों के मुताबिक, पिछले सालों दरों में काफी बढ़ोतरी हुई थी, जिसके चलते सैलानियों की आमद कम थी। इस बार करीब 33 फीसदी की कमी किए जाने से दुधवा में सैलानियों की आमद होने के आसार बढ़ गए हैं। इसके अलावा जंगल सफारी सस्ती होने से लोकल सैलानियों की आमद भी ज्यादा होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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इस बार दुर्गा के साथ गौरी भी रहेगी आकर्षण का केंद्र

दुधवा नेशनल पार्क में बाहर से लाई गई दुर्गा हथिनी के साथ ही नवरात्रि के दौरान दुधवा में आई नन्हीं हथिनी, जिसका नाम गौरी रखा गया था, वह भी सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि उसको सैलानियों के सामने लाया जाएगा या नहीं। फिर भी यह नन्हीं गौरी हथिनी सैलानियों को खासा आकर्षित करने का काम जरूर करेगी।



जिप्सी व गाइडों के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज

दुधवा पार्क के मुख्यालय पर जिप्सी व गाइडों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। पार्क खुलने के दो दिन शेष रह गए हैं ऐसे में सभी कार्य यहां पर पूरे किए जाने हैं, जिसको लेकर यहां पर गाइडों व जिप्सी चालकों की भीड़ लगी हुई है।



सोनारीपुर से दुधवा के बीच बनी मचान से निहार सकेंगे सुंदरता

सोनारीपुर से दुधवा के बीच पड़ने वाले एसडी सिंह मार्ग पर मचान बनाई गई है। यह मचान काफी ऊंचा है। मचान से सैलानी हाथियों के साथ ही दूर तक अन्य वन्यजीवों को आसानी से देख सकते हैं। जंगली हाथी इस मचान के करीब न आ जाएं इसको लेकर चारों तरफ गहरे गड्ढे भी खोदे गए हैं।



इको विकास समिति करेगी दुधवा कैंटीन का संचालन

हर बार किसी प्राइवेट ठेकेदार से ही दुधवा की कैंटीन का संचालन कराया जाता था, लेकिन इस बार थारू व्यंजनों को भी वरीयता देने के उद्देश्य से पार्क प्रशासन दुधवा कैंटीन का संचालन इको विकास समिति से कराएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पर्यटन सत्र में दुधवा क्षेत्र के आसपास बसने वाली आबादी के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद भी सैलानी ले सकेंगे।



दुधवा नेशनल पार्क के नवीन पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पार्क प्रशासन सैलानियों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास लगातार पर्यटन सत्रों में करता आ रहा है। इस बार दरों के कम होने से सैलानियों की संख्या बढ़ने के आसार हैं। -डाॅ रंगाराजू टी, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व

दुधवा में हटों के बाहर की गई साफ-सफाई।

दुधवा में हटों के बाहर की गई साफ-सफाई।

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