ममरी। बाघ के हमलों को लेकर ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश को देखकर वन विभाग हरकत में आया है। बाघ की लोकेशन पता लगाने के लिए कैमरे लगवाए गए। साथ ही ड्रोन से निगरानी भी शुरू की गई है। विभाग ने इमलिया गांव के बाहर दो पिंजरे और 24 कैमरे लगवाए हैं।
बाघ ने मंगलवार की शाम खेत में गन्ना बांधने गए ग्राम इमलिया निवासी 45 वर्षीय अमरीश कुमार को हमला कर मार डाला था। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को मृतक का शव सड़क पर रखकर हंगामा किया। 25 लाख रुपये मुआवजा दिलाने और बाघ को पकड़वाने की मांग की थी। इस पर डीएफओ संजय बिस्वाल ने वन कमियों को दो पिंजरे और चार कैमरे लगवाने के निर्देश दिए थे।
रेंजर नरेश पाल सिंह ने बताया कि पिंजरे और कैमरे लगे ही रहे, बाघ वहां जाने से बचता रहा। बृहस्पतिवार सुबह पिंजरे में बंधे बकरे सुरक्षित मिले। वन कर्मियों की टीम पेट्रोलिंग करती रह गई। रेंजर ने बताया कि बाघ को कैद करने के लिए पिंजरों की संख्या बढ़ाकर चार और कैमरों की संख्या बढ़ाकर 24 कर दी गई है।
बाघ गन्ने के किस खेत में छिपा है, लोकेशन ट्रेस करने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है। साथ ही डिप्टी रेंजर रामनरेश वर्मा और फॉरेस्टर जगदीश वर्मा के निर्देशन में वन कर्मियों की दो टीमें गन्ने के आसपास पेट्रोलिंग में लगाई गई हैं। बाघ पिंजरों में बंधे बकरों के पास नहीं आ रहा है। टीम बाघ की चहलकदमी पर नजर रखे हुए हैं। इधर इमलिया के ग्रामीण और मृतक के परिजन बाघ को पकड़वाने की मांग पर अड़े हैं।
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हमलावर बाघ को कैद करने के लिए पिंजरों की संख्या बढ़ाकर चार और कैमरो की संख्या 24 कर दी गई है। ड्रोन भी उड़ाए जा रहे हैं। वन कर्मियों की टीम गन्ने के आसपास गश्त कर रही है। बाघ शीघ्र ही पकड़ा जाएगा।
संजय बिस्वाल डीएफओ, दक्षिणी खीरी वन प्रभाग