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Lakhimpur Kheri News: बिना सूचना दिए चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान, फर्श-टिनशेड तोड़े

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पलिया के माल गोदाम मार्ग पर दुकान के बाहर तोड़ी जारी फर्श। संवाद - फोटो : लवी नेगी
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पलियाकलां। रेलवे विभाग की तरफ से बुधवार को बिना पूर्व सूचना दिए माल गोदाम मार्ग पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया। आरोप है कि जब दुकानदारों ने विरोध किया तो रेलवे के सेक्शन इंजीनियर (कार्य) ने उनसे अभद्रता की। कई दुकानों के सामने के फर्श व टिनशेड टूटने के बाद किसी ने शिकायत एसडीएम से कर दी। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर अभियान बंद कराया। साथ ही बिना सूचना दिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने पर नाराजगी भी जाहिर की। एसडीएम ने रेलवे के विभागीय अधिकारियों को भी मामले से अवगत करा दिया है।
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बुधवार को रेलवे के सेक्शन इंजीनियर (कार्य) धनंजय सिंह द्वारा जीआरपी व आरपीएफ के साथ माल गोदाम मार्ग पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया। भारी पुलिस को देखकर पहले तो माल गोदाम मार्ग के दुकानदार सहम गए। उन्होंने खुद ही दुकानों के आगे से सामान आदि हटाना शुरू कर दिया।
इसके बाद जेसीबी से कई दुकानों के सामने का फर्श तोड़ दिया गया। टिनशेड भी तोड़ डाले। दुकानदारों का आरोप है कि उन्होंने जब रेलवे के सेक्शन इंजीनियर से पूछताछ की तो उन्होंने मानक आदि के बारे में ऑफिस में आकर बात करने को कहा और लगातार दुकानों के बाहर फर्श को तुड़वाते रहे।
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मामले की जानकारी एसडीएम कार्तिकेय सिंह को दी गई। सूचना पर एसडीएम कार्तिकेय सिंह मौके पर पहुंचे और बिना किसी पूर्व सूचना के चलाए जा रहे अभियान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अभियान तुरंत रुकवा दिया। उधर, जीआरपी के अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के लिए तहसील को पत्र भेजा गया था। वहीं दुकानदारों को भी कई दिन से जानकारी दी जा रही थी।
उधर, दुकानदारों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। न ही अभियान शुरू करने से पहले चिह्नांकन ही किया गया। टीम ने मनमाने ढंग से दुकानों की फर्श व टीनों को तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे उन्हें काफी क्षति पहुंची है।
एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि अतरिया रेलवे लाइन पर पहले से ही रेलवे के प्रति लोगों की नाराजगी है। ऊपर से अधिवक्ताओं का भी प्रकरण चल रहा है। ऐसे में अगर रेलवे अभियान चला रहा है तो उनके अधिकारी आकर अभियान के बारे में दुकानदारों को सूचना दे सकते थे, जो कि उन्होंने नहीं दी। केवल पत्र भेजकर अपने काम से इतिश्री कर ली। अगर मौके पर कोई विरोध करता है तो कायदे में स्थानीय अधिकारी की मौजूदगी तो जरूरी होनी चाहिए थी। इस वजह से अभियान रुकवाया गया है। बाकी रेलवे के अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया जाएगा।
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