मझगईं। ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर लोगों के सहयोग से कस्बे की जामा मस्जिद के जुमे की नमाज अदा करने के बाद गौसुल आजम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया।
जामा मस्जिद के पेशे इमाम हाफिज वसीम खान ने पीरों के पीर अब्दुल कादिर जिलानी गौस पाक की जीवनी पर तकरीर करते हुए बताया कि मां से मिली सच बोलने की सीख पर बचपन में डाकुओं से घिरने के बाद भी गौस पाक ने झूठ नहीं बोला। कितनी भी बड़ी मुसीबत आ जाए झूठ नहीं बोलना चाहिए। हाथों को अल्लाह की बारगाह में उठाकर कौम व तरक्की के साथ मुल्क में अमन शांति की दुआ मांगी गई। इस दौरान लतीफ अहमद, मोहम्मद खान, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद साहिल, वहाजुद्दीन, युनुस खान, रिजवान, आदिल हुसैन आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदी। मोहल्ला सरैया में ग्यारहवीं शरीफ अकीदत के साथ मनाया गया। यहां अकीदतमंदों ने बड़े ईद के नाम से नियाज कराई और तबर्रुक वितरित किया। शुक्रवार को सुबह से ही घरों में गौस पाक की नजरोनियाज का सिलसिला शुरू हो गया था। कई जगहों पर जलसों के आयोजन हुए। इसमें सरकार गौस पाक की सीरत और अजमत बयान की गई। आलिमों ने बड़े पीर साहब के बताए रास्ते पर चलने की अपील की। कुल शरीफ के दौरान सूफी शरीफ मियां, सूफी इदरीश मियां, सूफी मजीद इरफान अली, निसार अली, शकील खान, मोहम्मद अनीस आदि अकीदतमंद शामिल हुए।
बड़े पीर दस्तगीर की यौमे पैदाइश पर निकाला जुलूस
खीरी टाउन। गौसे आज़म उर्फ़ बड़े पीर दस्तगीर की यौमे पैदाइश पर कस्बे में अकीदत और एहतराम के साथ जुलूस निकाला गया। ग्यारहवीं शरीफ के नाम से मशहूर इस त्योहार के मौके पर शेखासराएं सुन्नी इमामबाड़े से जुलूसे गौसिया निकाला गया। जुलूस नगर का भ्रमण करता हुआ शाही किले पर समाप्त हुआ। शुक्रवार को सुबह से ही घरों में गौस पाक की नज़रों नियाज़ का सिलसिला शुरू हो गया था। जगह जगह जलसों के आयोजन हुए। इसमें सरकार गौस पाक की सीरत और अज़मत बयान की गई। सुन्नी इमामबाड़े में परचम कुशाई के बाद सुबह दस बजे जुलूसे गौसिया निकाला गया। इस मौके पर मौलाना अय्यूब रज़ा कादरी, मौलाना अशफ़ाक़, मौलाना मोहसिन रज़ा, हाफिज वसी, हाफिज हारुन, ने गौसे आज़म की ज़िंदगी पर रोशनी डाली। संवाद