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ग्रामीणों के लाठी, डंडा, भाला लेकर घेरने पर बिदक गए हाथी

सार

इसे लेकर वन कर्मियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, अभिषेक वर्मा आदि वनकर्मियों का कहना है कि बृहस्पतिवार की रात हाथियों का झुंड देवीपुर जंगल से वापस सहजनिया जंगल की ओर जा रहा था लेकिन सुंदरपुर, परवस्त नगर, कोरिगवा के ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक लिया। जबकि किसानों का कहना था कि 35 दिन रुके हाथियों ने उनकी करीब 37 एकड़ फसल बर्बाद कर डाली है।
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विस्तार
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ममरी। मोहम्मदी रेंज के महेशपुर देवीपुर जंगल में छह दिन रुकने के बाद बृहस्पतिवार की रात वापस सहजनिया जंगल की तरफ जा रहे हाथियों के झुंड को सुंदरपुर, परवस्तनगर, कोरिगवा के सैकड़ों ग्रामीणों ने हाथों में लाठी, डंडा, भाला लेकर घेर लिया। इससे हाथी बिदक गए और फिर देवीपुर जंगल में वापस जाकर पड़री, रायपुर, शिवपुरी, शंकरपुर के कई किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना धान की फसल रौंदकर तहस-नहस कर डाली।
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इसे लेकर वन कर्मियों और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, अभिषेक वर्मा आदि वनकर्मियों का कहना है कि बृहस्पतिवार की रात हाथियों का झुंड देवीपुर जंगल से वापस सहजनिया जंगल की ओर जा रहा था लेकिन सुंदरपुर, परवस्त नगर, कोरिगवा के ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक लिया।
भड़के हाथी फिर देवीपुर के जंगल में लौट गए। वन कर्मियों का कहना है कि हाथी जिस रास्ते से आए थे, उसी रास्ते से वापस जाने का प्रयास कर रहे थे। जबकि किसानों का कहना था कि 35 दिन रुके हाथियों ने उनकी करीब 37 एकड़ फसल बर्बाद कर डाली है। वन कर्मियों ने किसानों से हाथियों को निकल जाने देने का अनुरोध किया। संवाद
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