पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के जंगल किनारे बसंतापुर कलां गांव में शुक्रवार रात जंगली हाथियों के झुंड ने किसानों की गन्ने की फसल को पैरों तले रौंदते हुए तहस-नहस कर दिया। इतना ही नहीं गांव के एक किसान का ट्रैक्टर भी हाथियों ने तोड़ दिया है। किसानों ने प्रदर्शन कर वन विभाग से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
बसंतापुर कलां गांव में जंगल के किनारे कई किसानों के खेत हैं। शुक्रवार रात जंगल से निकले हाथियों के झुंड ने किसानों की गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। किसान रामाश्रय पुत्र चिंताराम की एक एकड़, जमशेद्दीन की तीन बीघा, मुकद्दस की दो बीघा, जगतराम की एक एकड़, हसन रजा की दो बीघा, ओमप्रकाश की एक एकड़, गुरविंदर की एक एकड़ फसल को हाथियों ने रौंदकर तहस-नहस कर दिया। इसके अलावा गांव के रोहित पुत्र रामाश्रय का ट्रैक्टर भी तोड़ दिया।
वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया है और नुकसान का मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि 15 दिन से हाथियों का झुंड खेतों की ओर आ रहा है और किसी न किसी किसान की फसल को तबाह कर रहा है। वन विभाग इसके लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा रहा है।