वनकर्मी नहीं जुटा पा रहे पास जाने की हिम्मत
ममरी। मोहम्मदी रेंज के सहजनिया के जंगल में नौ दिनों से डेरा डाले हाथियों ने अब चिंघाड़ना शुरू कर दिया है। उनकी चिंघाड़ सुनकर वन कर्मी और ग्रामीण जंगल में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
हाथियों की निगरानी में लगे डिप्टी रेंजर सुरेंद्र पाल गौतम ने बताया कि 10 सितंबर की रात हथिनी ने जब से बाघ मित्र जगजीत के खेत में बच्चे को जन्म दिया है तभी से हाथियों ने जंगल में चिंघाड़ना शुरू कर दिया है। हाथी नवजात बच्चे को घेरकर जंगल और खेतों में घूम रहे हैं। इनके सामने जाने की कोई भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
रेंजर नरेश पाल सिंह का कहना है कि नवजात बच्चा जब तक दौड़ने लायक नहीं हो जाता तब तक हाथी जंगल नहीं छोड़ेंगे। इससे किसानों वन कर्मियों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। वन कर्मी किसानों को खेतों और जंगल के समीप ना जाने की सलाह दे रहे हैं।