लखीमपुर खीरी। बेहजम रोड स्थित निरंकारी भवन के आवास में गार्ड की ड्यूटी कर रहे एक बुजुर्ग ने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक के कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें आत्महत्या का कारण तहसील के एक अधिवक्ता का प्रताड़ित करना और गठिया की बीमारी से परेशान रहना बताया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
गोला रोड स्थित गांव उदयपुर महेवा निवासी 62 वर्षीय विजय कुमार मिश्रा सदर तहसील अधिवक्ता संघ में लिपिक का काम करने के साथ निरंकारी भवन में रात के दौरान गार्ड की ड्यूटी करते थे। परिजनों का कहना है कि प्रतिदिन की तरह बृहस्पतिवार रात में विजय कुमार मिश्रा निरंकारी भवन ड्यूटी के लिए गए थे। शुक्रवार सुबह उनका शव कमरे में फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पहुंचे संकटा देवी चौकी इंचार्ज जय प्रकाश यादव ने शव की तलाशी तो जेब से सुसाइड नोट मिला।
परिजन बताते हैं कि सुसाइड नोट में लिखा था कि वह तहसील अधिवक्ता संघ में पिछले पांच साल से लिपिक पद पर कार्य कर रहे थे। अभी तक किसी अधिवक्ता से न वह असंतुष्ट रहे और न ही कोई उनसे । अब एक अधिवक्ता काफी दिनों से प्रताड़ित कर रहे हैं। इस वजह की वजह से वह आत्महत्या कर रहे हैं। दूसरा कारण पैर में गठिया बाय होना बताया है।
वर्जन
मृतक बुजुर्ग ने सुसाइड किया है, जिसके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें सुसाइट करने के कारण दो कारण लिखे हैं। इसमें एक नाम अधिवक्ता का लिखा है और दूसरा कारण गठिया का रोग लिखा। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
संदीप सिंह, सीओ सिटी