फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: शारदा नदी के कटान में चला गया खेत, सदमे में बुजुर्ग किसान की मौत

Tue, 29 Aug 2023 06:34 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

पिछले काफी दिनों से शारदा नदी कटान कर रही है। किसान अजोधी राम का 15 बीघा खेत भी नदी में समा गया। इसी सदमे में रविवार दोपहर किसान की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। 
विज्ञापन
शारदा नदी किनारे खड़े किसान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखीमपुर खीरी जनपद में शारदा नदी में खेत समाते देख बुजुर्ग किसान अजोधी राम (62) की अचानक हालत बिगड़ गई। पुत्र अमित बेसुध हालत में किसी तरह अपने पिता को घर लाया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।

विज्ञापन


फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के ग्रंट नंबर 12 गांव निवासी अमित कुमार ने बताया कि पिछले काफी दिनों से शारदा नदी कटान कर रही है। रविवार दोपहर वह पिता अजोधी के साथ खेत देखने गया था। पंद्रह बीघा खेत नदी में कटते देख पिता की हालत बिगड़ गई और वह वहीं बेसुध हो गए। जहां खेत था, वहां तेज धार बहती दिखी। किसी तरह वह पिता को घर लाया। जब तक घरवाले डॉक्टर के पास ले जाते, बुजुर्ग की मौत हो गई।

अचानक हुई मौत से घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया है। रोते हुए मृतक की पत्नी लल्ली देवी ने बताया घर में इकलौता पुत्र अमित कुमार और दो नाबालिग बेटी संगीता और अनीता है। परिजनों के मुताबिक, परिवार के गुजर-बसर के लिए यही खेत था, जो अब नदी में समा गया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

पेड़ बेचकर घर का खर्च चलाने निकले थे

मृतक के पुत्र अमित ने बताया कि पैसों के अभाव में वह इस बार खेत में फसल नहीं लगा सके थे। इससे वह मजदूरी करने बाहर गया था। कुछ दिन घर का खर्च तो चल गया मगर अब पैसे नहीं बचे थे। घर में सलाह बनी कि खेत में लगा पेड़ बेच कर कुछ दिन घर का गुजारा चल सकता है। रविवार को वह पिता अजोधी के साथ खेत पर गया। वहां न पेड़ बचा था और न खेत। खेत में नदी की धार बह रही थी। यह देख सदमे में बुजुर्ग पिता की जान चली गई।

नदी का कटान जारी

शारदा नदी इस समय ग्रंट 12 गांव के किनारे खेतों को उजाड़कर आगे बढ़ रही है। आबादी से कुछ मीटर दूर होने से ग्रामीणों की नींद उड़ी है। नदी सैकड़ों एकड़ धान, गन्ने की फसल निगलती हुई गांव से महज डेढ़ सौ मीटर दूर रह गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। पीड़ित अपना ठिकाना तलाश करने लगे है। ग्रंट नंबर 12 गांव के सोबरन, पहाड़ी, कैलाश, राजेश, गजोधी राम, राकेश, जगदम्मा, राहुल सहित कई लोगों की सैकड़ों एकड़ फसल कृषि भूमि समेत कट गई।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें