लखीमपुर खीरी। व्यावसायिक वाहनों पर कार्यरत चालक, परिचालक, क्लीनर आदि कर्मचारियों का श्रम विभाग में पंजीकरण अनिवार्य है। ऐसा न करने वाले वाहन स्वामियों से जुर्माना वसूला जाएगा। वैसे तो यह आदेश बहुत पुराना है, लेकिन अब इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है। पंजीकरण के बाद कर्मचारियों को कई लाभों से जोड़ा जाना है।
मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम 1961 को लागू हुए 63 वर्ष हो चुके हैं। सरकार वन ट्रिलियन डॉलर में शामिल होने और उच्च स्तर पर प्रति सप्ताह समीक्षा होने के कारण श्रम विभाग अब इसे लेकर गंभीर हो गया है। पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। श्रम विभाग ने मोटर परिवहन उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा, उनके कार्य-परिस्थितियों को बेहतर बनाना सहित अन्य सुविधाएं को ध्यान में रखा जाना है।
पंजीकरण के लिए कर्मकारों की संख्या के आधार पर शुल्क निर्धारित है। एक बार कराए गए पंजीकरण का नवीनीकरण तीन साल बाद होगा। कर्मचारियों का विभाग के niveshmitra.up.nic.in (निवेश मित्र) पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण के बाद श्रमिकों को 12 अंकों का एक यूनिक कार्ड मिलेगा, जिससे उनको विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन अवकाश, नि:शुल्क वर्दी, कार्यस्थल पर निर्धारित कार्य घंटे प्रदर्शित करना, ओवरटाइम से बचना आदि सुविधाएं ई-श्रम कार्ड से मिलेंगे अतिरिक्त लाभ शामिल है।
कर्मकारों की संख्या के आधार पर पंजीकरण का शुल्क
कर्मकारों की संख्या पंजीकरण का शुल्क
दो से 10 तक 450
11 से 20 तक 900
21 से 50 1800
51 से 100 3000
101 से 200 तक 6000
201 से अधिक 12000
प्रतिष्ठानों पर काम करने वालों का भी पंजीयन जरूरी
जनपद के प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले कर्मचारियों का भी श्रम विभाग में पंजीयन जरूरी होगा। इसको लेकर विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। ऐसा न करने वाले प्रतिष्ठान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम 1961 के तहत कामर्शियल वाहनों पर कार्यरत कर्मचारियों का श्रम विभाग में पंजीकरण अनिवार्य है। ऐसा न करने वाले वाहन स्वामियों पर कार्रवाई का प्रावधान है। इसको लेकर निर्देश जारी किए जा चुके हैं। -संतोष कुमार त्रिपाठी, श्रम परिवर्तन अधिकारी