सभा को संबोधित करतीं कृष्णाधिकारी
लखीमपुर खीरी। बुधवार को अखिल भारतीय किसान महासभा, संयुक्त किसान मोर्चा और जमीन बचाओ, मकान बचाओ के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किसानों ने सरकार द्वारा गरीब किसानों को जबरन उजाड़े जाने के खिलाफ आवाज बुलंद की। धरने के बाद विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति, राज्यपाल और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया है।
सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि हाथी कॉरिडोर, इको टूरिज्म के नाम पर 54 गांव के दलित एवं पिछड़ों को उजाड़ने की कार्यवाही पर तत्काल लगाई जाए। ग्राम मूड़ा बुजुर्ग व जंगल नं. 11 के लिए जारी उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराएं, सुअबोझ व नारंग के भूमि के पट्टेदारों पर वन अधिनियम 1927 के तहत की जा रही कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। खैरटिया के पट्टेदारों के पट्टे बहाल किए जाएं। प्रस्तावित वन विधेयक 2023 वापस लिया जाए।
भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड कृष्णा अधिकारी ने कहा कि मोदी-योगी राज में कानून के साथ क्रूर मजाक किया जा रहा है। अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता रंजीत सिंह ने कहा कि सरकार पूरे जिले में अतिक्रमण के नाम गरीबों की रोजी रोटी और जमीन छीन कर उनको भूखों मरने पर विवश कर रही है। धरने को अखिल भारतीय किसान महासभा के नेता कमलेश राय, रामकिशुन, तपेश्वरी, जमीन बचाओ-मकान बचाओ संघर्ष समिति के नेता एसबी आजाद, किसान यूनियन (टिकैत) के जिला उपाध्यक्ष जसपाल, संत कुमार, वशिष्ठ मुनि, शम्स विकास, अनीता, अजय वर्मा, सुमन देवी, आशा देवी आदि लोगों ने संबोधित किया।