लालपुर स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रैक से गायब घास संवाद
लखीमपुर खीरी। लालपुर स्टेडियम में अव्यवस्थाएं खेल प्रतिभाओं को अपने मुकाम से दूर कर रही हैं। संसाधनाें के अभाव और कोचों की कमी के चलते खिलाड़ी परेेशान हैं। आंधी में तीन माह पहले ढही स्टेडियम की चहारदीवारी अब तक नहीं बन सकी है।
मई में आए आंधी-तूफान से लालपुर स्टेडियम की चहारदीवारी ढह गई थी। मुख्य द्वार को छोड़कर चहारदीवारी का बाकी हिस्सा उसी हाल में पड़ा है। इस वजह से छुट्टा पशु मैदान में घुस रहे हैं। एक ओर रास्ते पर प्लॉटिंग और दूसरी ओर लोगों का बेरोकटोक आवागमन जारी है। परिसर में बना तरणताल भी खस्ताहाल है। कुछ कमियोंं की वजह से यहां तैराकी नहीं होती है। इसके सुधार का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मैदान का समतलीकरण भी होना है।
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वाॅलीबाॅल के खिलाड़ियों को कोच की दरकार
खेलो इंडिया के तहत जिले का खेल हॉकी चयनित है। हॉकी के कोच और खिलाड़ी दोनों ही मैदान पर पसीना बहाते हैं। उप क्रीड़ाधिकारी मो. इरफान ने बताया कि एथलेटिक्स और फुटबाॅल के भी कोच है। हैंडबॉल के वह खुद ही कोच हैं। इन खेलों के खिलाड़ी नियमित स्टेडियम आते हैं। हालांकि वाॅलीबॉल और अन्य खेलों में न कोच हैं और न ही पर्याप्त व्यवस्थाएं। बैडमिंटन कोर्ट की टिनशेड भी आंधी में उखड़ गई थी, जो अब तक सही नहीं कराई गई।
वर्जन
चहारदीवारी और अन्य व्यवस्थाओं में सुधार के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। संसाधनों में सुधार के साथ खेल प्रतिभाओं का विकास भी होगा।
- मो. इरफान, उप क्रीड़ाधिकारी
लालपुर स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रैक से गायब घास संवाद
लालपुर स्टेडियम में एथलेटिक्स ट्रैक से गायब घास संवाद