लखीमपुर खीरी। शासन ने 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को गोल्डन कार्ड की सौगात तो दी है, लेकिन उसमें परिवार के सदस्यों का पेच फंस गया है।
राशन कार्ड पर परिवार के साथ नाम होने की वजह से बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड नहीं बन रहे हैं। शासन की ओर से जारी आयुष्मान एप पर ऑनलाइन आवेदन करने पर इन बुुजुर्गों को अपात्र बताया जा रहा है। इस उम्र में गोल्डन कार्ड की सौगात मिलने से बुजुर्गों में खुशी थी, लेकिन अलग राशन कार्ड होने की शर्त से अब मायूसी है। तमाम ऐसे बुजुर्ग हैं, जिनका राशन कार्ड पर नाम परिवार के साथ है मगर घरवाले बेहतर इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं। बुजुर्गों ने सरकार की इस मंशा को नाकाफी बताया है।
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गोल्डन कार्ड सिर्फ उन्हींं बुजुर्गों के बन रहे हैं, जो निराश्रित हैं और उनका राशन कार्ड अलग है, क्योंकि जो बुजुर्ग परिवार संग रह रहे हैं, उनके बेटे उनकी देखभाल कर रहे हैं। इसलिए अलग राशन कार्ड धारक निराश्रित बुजुर्ग ही योजना के तहत पात्र हैं।
- डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ