लखीमपुर खीरी/ ओयल। डायरिया का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। बच्चे रोजाना जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिछले पांच दिन में ही 13 बच्चे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती हुए हैं। इनमें से इलाज के दौरान दो की मौत तक हो गई। शुक्रवार को उल्टी दस्त से ग्रसित दो और बच्चे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती किए गए।
शुक्रवार सीतापुर के लहरपुर निवासी सोमित मिश्रा सात माह की पुत्री शालू को लेकर इमरजेंसी पहुंचे, जिन्हें चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया। चिकित्सकों के मुताबिक, डायरिया की मुख्य वजह दूषित भोजन और पानी का सेवन करना है। बारिश का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे में बच्चों को पानी उबालकर ठंडा कर पीने के लिए दें। शौच के बाद और खाने से पहले बच्चों में हाथ धुलने की आदत डालें। इस तरह डायरिया के साथ अन्य तमाम बीमारियों के होने की संभावना कम हो जाती है।
शरीर में सोडियम-पोटेशियम की कमी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजमोहन बताते हैं कि अधिक दस्त आने से शरीर में सोडियम और पोटेशियम की कमी हो जाती है। शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। साथ ही शरीर में दर्द, कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत और झटके आने लगते हैं। उल्टी-दस्त शुरू होते ही ओआरएस घोल, पानी में नींबू, चीनी और एक चुटकी नमक मिला घोल तैयार कर लें। उसे धीरे-धीरे पीते रहें। छाछ और नारियल पानी का सेवन भी कर सकते हैं।