धौरहरा। धौरहरा पुलिस ने 10 वर्षीय बालक को आरोपी बनाकर शांतिभंग में पाबंद कर दिया। बालक जमानत कराने तहसील पहुंचा तो एसडीएम ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई और पत्रावली वापस कर दी। उधर, बताया जा रहा है कि पुलिस ने पत्रावली में उसकी उम्र अधिक दिखाई थी।
धौरहरा के ग्राम पकरिया निवासी 10 वर्षीय बालक शुक्रवार को तहसील पहुंचा था। बताया कि पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में धारा 107/16 में पाबंद करते हुए पत्रावली को एसडीएम न्यायालय भेजी है। मामले का पता चला तो एसडीएम धीरेंद्र सिंह ने पुलिस को फटकार लगाते हुए पत्रावली वापस कर दी। एसडीएम ने बताया कि पत्रावली पर नजर पड़ते ही संबंधित उप निरीक्षक को कार्य में सुधार लाने की नसीहत दी गई।
पिता ने बताया कि जून में गांव में चल रहे शादी समारोह बच्चों में खेलते समय किसी बात पर धक्का मुक्की होने से दूसरे बच्चे का होंठ फट गया था। दूसरे पक्ष ने इसकी शिकायत कोतवाली में की थी। हम उसी मामले में जमानत कराने तहसील आए हैं। पुलिस की पत्रावली में आरोपी बने बालक की उम्र 37 वर्ष दर्शाई गई थी। उधर, पुलिस मामले में अब चुप्पी साधे हुए है। संवाद