पंजाबी कॉलोनी स्थित ऋषि आश्रम में सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने मृणमयी शिवलिंग बनाकर वैदिक मंत्रों के बीच भगवान शिव का जलाभिषेक किया। वहीं महाभारतकालीन देवकली तीर्थ में भी श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा रहा। यहां भी सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया।
सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सभी शिव मंदिरों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। भुइफोरवानाथ मंदिर के सामने मेला मैदान में स्थित प्राइवेट बस अड्डे को एक दिन के लिए बंद कर दिया गया। बसें शहर में ही कुछ दूरी पर रोक दी गई। मेला मैदान को पार्किंग में तब्दील कर दिया गया।
दूध की खपत में हुई करीब बीस फीसदी बढ़ोतरी
महाशिरात्रि पर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक और व्रत में फलाहार की जरूरत के चलते शहर में दूध की खपत में करीब 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। आम दिनों में लखीमपुर शहर में प्रतिदिन करीब 20,000 लीटर दूध की खपत होती है। एक अनुमान के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन करीब 24,000 लीटर दूध की बिक्री हुई है।
फूलों की बिक्री में दो गुना इजाफा
महाशिवरात्रि पर सबसे ज्यादा कारोबार फूलों का हुआ है। महाशिवरात्रि पर रोज की अपेक्षा पांच गुना ज्यादा फूल बिका है। आम तौर पर शहर में करीब 20 कुंतल प्रतिदिन होती है। शादी विवाह के सीजन में इस खपत में इजाफा होता है। महाशिवरात्रि के चलते शनिवार को फूलों की खपत 100 कुंतल से भी ज्यादा हुई है। भुइफोरवानाथ शिव मंदिर में फूल बेचने वाले मंजू गिरि ने बताया कि महाशिरात्रि के चलते फूलों की बिक्री में पांच गुना से ज्यादा बढ़ोतरी हुई।