चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 15 खेल मैदानों का निर्माण पूरा करने का है लक्ष्य
ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन, मनरेगा के तहत विकसित होंगे मैदान
जहां मिलेगी पर्याप्त जगह वहां बनेंगे स्टेडियम, स्थान चिह्नित करने का काम जारी
लखीमपुर खीरी। ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए अगले साल तक जिले भर में 115 खेल के मैदान विकसित किए जाएंगे। इससे ग्रामीण युवाओं को खेतों और सड़कों पर दौड़ने व खेलने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। यह खेल मैदान मनरेगा के तहत विकसित किए जाएंगे, जिसके लिए जगह का चयन किया जा रहा है। प्रस्तावित खेल मैदानों की संख्या जिले की कुल ग्राम पंचायतों की संख्या का दस फीसदी है।
15 ब्लॉकों में बनने वाले स्टेडियम को अमृत स्टेडियम का नाम दिया जाएगा। इसमें मॉर्निंग वॉक के लिए इंटरलॉकिग पैदल पथ, बाउंड्रीवॉल, क्रिकेट पिच, वॉलीबॉल, फुटबॉल मैदान, हॉकी और बॉस्केटबॉल समेत सभी प्रचलित खेलों की व्यवस्था होगी। इन्हें तैयार करने में 10 लाख से 20 लाख रुपये तक की लागत आ रही है। अधिकांश काम मनरेगा से होगा, जबकि अतिरिक्त काम ग्राम निधि से कराया जा सकेगा। बांकेगंज ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाने का प्रस्ताव है। इसमें कोरैया लोहाना, तेंदुआ सौंखिया और जलालपुर शामिल हैं।
अभी सदर और फूलबेहड़ ब्लॉक में नहीं मिली जगह
लखीमपुर खीरी। जिले के 15 ब्लॉकों में दो ब्लॉक सदर और फूलबेहड़ में खेल मैदान/स्टेडियम विकसित करने के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो सकी है। बाकी 13 में से 11 ब्लॉकों में खेल मैदानों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। वहीं, बांकेगंज ब्लॉक के जलालपुर और पसगवां ब्लॉक के कुतुुबापुर में स्टेडियम बनकर तैयार हो चुके हैं। मकसूदपुर में अरुणोदय पार्क खेल मैदान भी लगभग बनकर तैयार है, जिसका उद्घाटन होना बाकी है। अन्य ब्लॉकों में स्टेडियम या खेल मैदानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संवाद
मितौली ब्लॉक में बनेंगे एक स्टेडियम और नौ खेल के मैदान
मितौली ब्लॉक के खंजन नगर में खेल मैदान के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध होने के कारण स्टेडियम बनाया जाएगा, जबकि अमेठी, संडिलवा, मोहम्मदपुर नगरा और मिन्नापुर समेत नौ गांवों में खेल मैदान बनाए जाएंगे। अमेठी प्रधान अब्दुल माबूद खां ने बताया कि खेल मैदान स्वीकृत हो गया है। इसमें ग्राम निधि से ओपेन जिम समेत कुछ अतिरिक्त खेल उपकरण लगाए जाएंगे। शीघ्र ही खेल मैदान बनकर तैयार होगा।
मल्टीपर्पज खेल मैदानों में नहीं होगा कोई कोच
ब्लॉक स्तर और ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए जा रहे मल्टीपर्पज खेल मैदानों में काई कोच नहीं रखा जाएगा। ब्लॉक स्तरीय खेल मैदान या स्टेडियम की देखरेख ब्लॉक अधिकारी करेंगे, जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर बनने वाले खेल मैदानों की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी।
जिले में चालू वित्तीय वर्ष के समापन तक 15 ब्लॉकों में से 13 ब्लॉकों में मनरेगा के तहत खेल मैदान या स्टेडियम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से दो का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। दो ब्लॉकों में जगह उपलब्ध नहीं हो सकी है। 11 खेल मैदानों का काम प्रगति पर है। इनके अलावा अगले साल तक जिले भर में 115 खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। इनमें से करीब 50 खेल मैदानों में काम शुरू हो चुका है।
- विपिन चौधरी, डीसी मनरेगा, लखीमपुर खीरी
क्या कहते हैं युवा
ग्राम पंचायत स्तर पर खेल मैदान बनने से ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का मौका मिल सकेगा। युवाओं में खेल की भावना विकसित होगी। सेहत के लिए यह मुफीद कदम है।
- अनस सिद्दीकी, मितौली
ब्लॉक स्तरीय और पंचायत स्तरीय खेल मैदान विकसित होने से ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। खेतों और पगदंडी के बजाय वह मैदान में अच्छे से अभ्यास कर सकेंगे।
- रेहान कादिर, मितौली
सरकार द्वारा गांव स्तर पर खेल मैदान और स्टेडियम के निर्माण ग्रामीण युवाओं के लिए वरदान साबित होंगे। युवा और बच्चे यहां खेलकूद कर अपनी सेहत बनाएंगे और निरंतर अभ्यास ने खेल जगत में नाम रोशन करेंगे।
- दुर्गेश गुप्ता, मितौली
ग्रामीण स्तर पर खेल प्रतिभाएं उपेक्षित थीं। अब गांव-गांव बनने वाले खेल मैदान बनने से अब खेल प्रतिभाओं को निखरने का मौका मिलेगा। यदि इनमें कोच भी उपलब्ध कराए जाते तो और अच्छा होता।
- परमजीत सिंह, मितौली