डेयरी के मैनेजर प्रेम बाबू ने बताया कि लगभग दो महीने पहले भी खाद्य विभाग की टीम ने छापा मारा था। प्रतिद्वंद्विता के चलते लोग परेशान कर रहे हैं, जबकि मैनेजर डेयरी का लाइसेंस होने की बात कह रहा है, लेकिन मौके पर वह प्रपत्र नहीं दिखा पाया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
उधर, खाद्य आयुक्त कौशलेंद्र शर्मा ने बताया कि शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। दूध डेयरी बिना लाइसेंस संचालित की जा रही है। जिस पर 10 000 लीटर की वीएमसी लगी हुई है। डेयरी से घी, पनीर, मट्ठा और दही का उत्पादन किया जाता है। घी, पनीर और दूध के तीन तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।