लखीमपुर खीरी। पंचायती राज विभाग को पहली बार 25 इंजीनियर मिले हैं, जो ग्राम पंचायतों में स्टीमेट एवं माप पुस्तिका तैयार करेंगे। इससे पंचायतों के कामकाज में तेजी आएगी। इससे पहले ग्राम पंचायतों को दूसरे विभागों जैसे आरईडी, डीआरडीए आदि के इंजीनियरों की मदद लेनी पड़ती थी। बृहस्पतिवार को कुछ इंजीनियर ने डीपीआरओ कार्यालय में योगदान आख्या दी हैै। हालांकि इन्हें मानदेय नहीं दिया जाएगा, बल्कि शुल्क के रूप से स्टीमेट की लागत का दो प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा।
डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि शासन ने प्रत्येक जनपद में 25 रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट/कंसल्टिंग इंजीनियर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। जिसके क्रम में 27 सितंबर 2022 को जनपद में 25 इंजीनियरों की तैनाती करके सूची डीएम को भेजी गई है। इसमें पांच महिला व 20 पुरुष इंजीनियर हैं। दो अक्तूबर 2022 को मुख्यमंत्री द्वारा कुल 1875 इंजीनियर्स को अनुबंधपत्र प्रदान किया जाएगा। जनपद के पांच चयनित इंजीनियरों को सीएम द्वारा और शेष 20 इंजीनियर को जिला स्तर पर वर्चुअल कार्यक्रम में डीएम द्वारा अनुबंधपत्र दिया जाएगा।
डीपीआरओ ने बताया कि बृहस्पतिवार तक पांच इंजीनियरों ने योगदान आख्या प्रस्तुत की है। दो इंजीनियर ने विभिन्न कारणों से ज्वाइन करने से इन्कार किया है। दो इंजीनियर दशहरे के बाद ज्वाइन करेंगे। डीपीआरओ ने बताया कि इंजीनियर की तैनाती की लंबे समय से मांग की जा रही थी। अब विभाग में इनकी तैनाती होने से ग्राम पंचायतों के कार्यों में तेजी आएगी।
एक और ग्राम पंचायत बिना गेटवे के भुगतान में फंसी
लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों द्वारा बिना गेटवे के भुगतान करने के मामले में एक और ग्राम पंचायत जांच के दायरे में आ गई है। दो दिन पहले छह ग्राम पंचायतों को नियमों का उल्लघंन करने का दोषी पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया था। डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने बताया कि मितौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत परसेहरा में 31 बाउचर से भुगतान किया गया है। जिसमें गेटवे सिस्टम से एक भी बाउचर का भुगतान नहीं किया गया है। इससे ग्राम पंचायत के सचिव व प्रधान को नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी गई है। संवाद