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शहरवासियों से ज्यादा ग्रामीणों को अपनी चपेट में ले रहा डेंगू

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नए बने डेंगू वार्ड का निरीक्षण करते सीएमओ।
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सीएचसी फूलबेहड़ क्षेत्र में मिले सबसे ज्यादा 11 संक्रमित
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नगरीय क्षेत्र में अब तक मिल चुके हैं डेंगू के 15 मरीज
लखीमपुर खीरी। जिले में अब तक डेंगू के 48 मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, डेंगू का सबसे ज्यादा हमला ग्रामीणों पर हुआ है। नगरीय क्षेत्र में रहने वाले 15 लोग जहां डेंगू की चपेट में आए हैं तो वहीं ग्रामीणों की संख्या 33 है। इसमें भी सबसे ज्यादा मरीज सीएचसी फूलबेहड़ क्षेत्र में मिले हैं।
एक नवंबर से अब तक निरंतर बुखार पीड़ितों में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हो रही है। अब तक जितने भी बुखार के मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, उसमें गांवों में रहने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक कुल 48 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इसमें 15 मरीज नगर पालिका एवं नगर पंचायत में रहने वाले हैं, जबकि 33 मरीज गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि इसका कारण शहरवासियों में आई जागरूकता है, जबकि गांव में सफाई का अभाव और एंटीलार्वा का छिड़काव व फॉगिंग न होना है।
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लक्षण
तेज बुखार, सिरदर्द, मांस पेशियों में दर्द, त्वचा पर लाल रंग के दाने निकलना, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जोड़ों में दर्द, सूजन आना, मसूड़ों व नाक से खून निकलना आदि।

डेंगू मच्छर की पहचान
जिला मलेरिया अधिकारी बताते हैं कि डेंगू बुखार फैलाने वाला मादा एडीज एजिप्टी मच्छर छोटा व गहरे रंग का होता है। इसकी टांगें बहुत खुली हुई नहीं होती। यह ज्यादा ऊंचाई तक नहीं उड़ पाता। इसलिए घुटने के नीचे काटता है। सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले यह सबसे ज्यादा एक्टिव रहता है। यह मच्छर ठहरे हुए पानी में अंडे देता है।

सीएचसी- डेंगू के मिले मरीज
फूलबेहड़-11
ईसानगर- तीन
फरधान-पांच
नकहा- एक
बेहजम- छह
धौरहरा- एक
मोहम्मदी-दो
निघासन- एक
कुंभी- एक
पलिया- एक
नगर क्षेत्र में-13

सीएचसी में शामिल गांव
मोहम्मदी-283
बिजुआ-211
फूलबेहड़- 352
बेहजम-262

संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर उठे सवाल
शासन के निर्देश पर जिले में एक से 31 जुलाई और फिर एक से 20 अक्तूबर तक जिले भर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला। इसको लेकर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने जिलवासियों को संक्रामक रोगों के प्रकोप से बचाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर पालिका एवं पंचायत, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कृषि एवं सिंचाई, सूचना, उद्यान विभाग की जिम्मेदारी तय की थी, लेकिन इसके बाद से जिले में निरंतर डेंगू के मरीजों के मिलने से संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों ने अभियान के प्रति ईमानदारी निभाई होती तो आज जिले के हालात इतने खराब नहीं होते।
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सीएचसी पर डेंगू मरीजों के लिए चार बेड रिजर्व
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बुधवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने डेंगू मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता देखी। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 20 से बढ़ाकर 50 बेड रिजर्व किए गए हैं। डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की रोटेशन अनुसार 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। मरीजों को इसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए नोडल एसीएमओ डॉ. राजेंद्र कुमार देव को बनाया गया है। साथ ही सीएचसी पर चार बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। उन्होंने बुखार आने पर झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज न कराकर सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क जांच और इलाज कराने के लिए कहा है।
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