गोला गोकर्णनाथ। राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने केंद्र सरकार पर किसानों से छलावा करने का आरोप लगाते हुए एफआरपी में बढ़ोतरी और बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग की।
किसान नेता ने कहा है कि महाराष्ट्र में गन्ने का एफआरपी केंद्र सरकार द्वारा लागू होता है, जबकि उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, और उत्तराखंड में राज्य सरकारों द्वारा गन्ने का एफआरपी निर्धारण किया जाता है। पिछले पेराई सत्र में पंजाब सरकार ने 20 रुपए गन्ना मूल्य बढ़ाकर 380 रुपये किया था, हरियाणा सरकार ने 10 रुपये बढ़ाकर 372 रुपये और उत्तराखंड सरकार ने 28 रुपये बढ़ाकर 355 रुपए गन्ना मूल्य दिया था।
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक भी पैसा गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया था और किसानों को अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना 335 रुपये सामान्य प्रजाति का गन्ना 340 और शीघ्र प्रजाति का गन्ना 350 रुपये में घाटे में बेचने को विवश किया गया। जबकि पिछले पेराई सत्र में उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने गन्ने की उत्पादन लागत 344 रुपए आंकी थी।