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Lakhimpur Kheri: सात दिन में खाली करें सेना की जमीन, रक्षा संपदा अधिकारी ने अवैध कब्जेदारों को दी चेतावनी

Fri, 19 May 2023 06:21 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

रक्षा संपदा अधिकारी ने पुलिस टीम के साथ मैगलगंज में सेना की जमीन से अवैध कब्जा खाली कराने की मुनादी कराई। अवैध कब्जेदारों को कब्जा हटाने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
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कब्जा हटाने के लिए कराई गई मुनादी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के मैगलगंज में मकान और दुकान बनाकर सेना की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को सात दिन में जगह खाली करने का चेतावनी दी गई है। शुक्रवार को रक्षा संपदा कार्यालय लखनऊ छावनी से आए अधिकारी और सैनिकों ने कब्जा खाली करने का एनाउंस कराया। इस दौरान थाना पुलिस भी मौजूद रही।

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मैगलगंज कस्बा में मिलिट्री ग्राउंड ( मेला मैदान) पर कई दशकों से अवैध कब्जा है। पचास से अधिक कब्जेदारों ने टिनशेड व पक्का निर्माण कर सेना की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। कब्जा कर बनाए गए घरों में रहते हैं और दुकानें भी बना ली हैं। शुक्रवार को लखनऊ छावनी से रक्षा संपदा अधिकारी अपनी टीम के साथ मैगलगंज थाने पहुंचे। 

सेना ने सात दिन का दिया समय 

पुलिस टीम के साथ कस्बे में सेना की जमीन से अवैध कब्जा खाली कराने की मुनादी कराई। अवैध कब्जेदारों को कब्जा हटाने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में कब्जा न हटाने पर बलपूर्वक खाली कराने की चेतावनी भी दी। इसका खर्च भी अवैध कब्जेदार से वसूला जाएगा। 

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रक्षा संपदा अधिकारी ने बताया कि सेना की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को कई बार नोटिस दिया जा चुका है। रक्षा मंत्रालय ने सेना की खाली पड़ी जमीन की बाउंड्री कराने के लिए धन मुहैया कराया है। नापजोख कर सेना के अभिलेखों में दर्ज पूरी जमीन को कब्जे में लिया जाएगा।

नोटिस के बाद जमे हुए हैं कब्जेदार 

रक्षा संपदा अधिकारी ने बताया पूरे प्रदेश में जहां भी सेना की जमीन पर कब्जा है, उसे खाली कराकर अपने कब्जे में लिया जाएगा। मैगलगंज में काफी दिनों से नोटिस दिया जा रहा है। नोटिस के बाद भी जमीन से कब्जा खाली नहीं किया जा रहा है। 

सात दिन का समय दिया गया है, इसके बाद बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। हर्जाना संबंधित व्यक्तियों से वसूला जाएगा। किस ग्राउंड में क्या बनाया जाएगा, यह जानकारी सेना नहीं देती है। सुरक्षा के लिहाज से सेना अपने तरीके से कार्य करती है।
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